मुरादाबाद। शहर के साथ-साथ गजरौला का प्रस्तावित मास्टर प्लान भी बृहस्पतिवार को शासकीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उसके बाद प्रस्तावित मास्टर प्लान को समिति में शामिल तकनीकी टीम को परीक्षण के लिए मौके पर ही सौंप दिया गया।
शहर के प्रस्तावित मास्टर प्लान-2031 को करीब पांच माह पहले बोर्ड की बैठक से पास कर शासन में भेजा गया था। इस प्रस्तावित मास्टर प्लान में शहर के अगले दस साल के विकास की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए खाका तैयार किया गया है। दिल्ली बाईपास से सटे क्षेत्रों के भू-उपोयग को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है। विकास की संभावनाओं को देखते हुए बस टर्मिनल, मछली मंडी, मेडिकल कॉलेज, बाजार स्ट्रीट, आवासीय कॉलोनी, विश्व विद्यालय समेत पीतलनगरी के चहुमुंखी विकास को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित मास्टर प्लान तैयार किया गया है। रामगंगा के 100 मीटर और गांगन नदी के 50 मीटर क्षेत्र को ग्रीनबेल्ट के रूप में चिह्नित किया गया है।
इसके साथ ही गजरौला का मास्टर प्लान पहली बार बनाकर शासन को इससे पूर्व भेजा गया था। शासन में बृहस्पतिवार को मुरादाबाद, गजरौला के अलावा बरेली और लखनऊ समेत पांच शहरों के प्रस्तावित मास्टर प्लान का प्रदर्शन शासकीय समिति के समक्ष किया गया। सचिव आवास की अगुवाई वाली शासकीय समिति ने प्रस्तावित मास्टर प्लान का अवलोकन किया। वीसी ने बताया कि समिति प्रस्तुतिकरण से संतुष्ट नजर आई। समिति की टेक्निकल टीम अब उसके तकनीकी पहलुओं का परीक्षण करेंगी। इस कार्य में दो से तीन सप्ताह तक का समय लगने की संभावना है। तकनीकी परीक्षण के बाद ही उस पर कोई निर्णय लिया