साइबर अपराधी अब झांसे में लेकर नहीं बल्कि डरा धमका कर रकम वसूल रहे हैं। साइबर अपराधी लोगों को कॉल करते हैं और खुद को कस्टम अधिकारी, क्राइम ब्रांच अफसर और इनकम टैक्स अधिकारी बताते हैं।
लोगों को डराते हैं कि उनके आधार कार्ड से सामान खरीदा गया है। मनी लॉडि्रंग के मामले की जांच के दौरान आपका मोबाइल नंबर मिला है। इसके अलावा ठग ये भी बताते हैं आपके एड्रेस से विदेश से तस्करी का नाम आया है। एयरपोर्ट पर चेकिंग में पार्सल पकड़ा गया है। आरोपी लोगों को इतना डरा रहते हैं कि वह किसी से बात तक नहीं कर पाते है। उन्हें एक कमरे में कैद होने कहते हैं। उन्हें इतना डरा देते हैं कि अगर उनके बताए खाते पर रकम ट्रांसफर नहीं की तो उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा।
साइबर ठग ने महिला अफसर ने ठग लिए 8.49 लाख रुपये
मुरादाबाद। मझोला थाने क्षेत्र के बुद्धि विहार आवास विकास निवासी उर्मिला पांडेय बिजली विभाग से सेवा निवृत्त हैं। सात मार्च को उर्मिला पांडेय के मोबाइल पर एक अंजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच आफिसर राकेश मिश्रा बताया था। आरोपी ने कहा कि आपके आधार नंबर से 15 फरवरी 2024 को सिम खरीदा गया था।
इस नंबर से फंड ट्रांसफर से संबंधित टेक्स्ट मैसेज किए जा रहे हैं। जांच करने पर पता चला कि मुंबई जेल में बंद संदीप सोढ़ी के पास कई आईडी मिली हैं। इनमें एक आईडी आपकी है। यह केस 800 करोड़ की मनी लॉडि्रंग से संबंधित है। साइबर ठग ने उर्मिला को बताया कि आपकी कॉल रिकार्डिंग पर है। कहा कि जांच के दौरान आपको न कहीं जाना है और ना ही किसी को कुछ बताना है। जानकारी लीक होते ही आपको गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एक ई-मेल एड्रेस मैसेज करते हुए बोला कि जो भी जानकारी देनी है, इसी पर दें। यदि आपका खाता एचडीएफसी बैंक में नहीं है तो आपको क्लियरेंस सर्टिफिकेट मिल जाएगा। नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो को एक काॅपी भेजी जानी है। एक हमारे ऑफिस में रखी जाएगी, जो पुलिस विभाग की तरफ से माफीनामा होगा। ठगों ने विश्वास में लेने के बाद खाते की डिटेल मांगी। ठगों के झांसे में आकर उर्मिला पांडेय ने 8.49 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए थे।
कारोबारी की बेटी को गिरफ्तारी कर ट्रांसफर कर लिए रकम
मुरादाबाद। सिविल लाइंस के आवास विकास कॉलोनी में रहने वाले कारोबारी की बेटी को साइबर अपराधी ने गिरफ्तारी कर डर दिखाकर पांच लाख 22 हजार 700 रुपये ठग लिए। आरोपी ने खुद को कस्टम अधिकारी बताकर कॉल की थी। आरोपी ने युवती को डराया कि उनके खाते में गैर कानूनी तरीके से रकम ट्रांसफर की गई है।
खाते की डिटेल चेक करनी होगी। अगर जानकारी देने में आनाकानी की तो पूरे परिवार को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद ठग ने पीड़िता के खाते से पांच लाख 22 हजार 700 रुपये किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर लिए थे।
ठगी से बचाव के लिए करें ये उपाय
- अगर अंजान से आने वाली वीडियो कॉलिंग को रिसीव करने से बचें
- व्हाट्सएप पर अंजान नंबर से आने वाले लिंक को ओपन न करें
- सोशल मीडिया आईडी को सार्वजनिक की बजाए प्राइवेट सेटिंग में रखें
- अगर कोई खुद को कस्टम अधिकारी, क्राइम ब्रांच अधिकारी बताए तो पुलिस को सूचना दें
- ऐसी कॉल आने पर घबराएं नहीं, उसे किसी तरह की जानकारी न दें।