मुरादाबाद। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय और कॉलेजों में परस्पर समन्वय न होने से छात्रों को परेशानी भुगतनी पड़ रही है। गुरुवार को 300 से ज्यादा विद्यार्थियों की परीक्षा छूटने के बाद कॉलेज और विवि प्रबंधन से अलग अलग बयान सामने आए। दोनों इसके लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराते रहे।
एमजेपी रुहेलखंड विश्ववद्यालय के परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह का कहना है कि परीक्षा की तिथि कॉलेजों की अपील पर बदली गई है। कई कॉलेजों में अधिक छात्रों का पेपर होने के कारण सीटिंग अरेंजमेंट गड़बड़ा गया। इसके चलते कॉलेजों ने पत्राचार किया, जिस पर निर्णय लेकर परीक्षा की तिथि बदली गईं। परीक्षा नियंत्रक के मुताबिक तीन अगस्त की परीक्षा की तिथि बदलकर चार अगस्त किए जाने की सूचना आठ जुलाई को ही महाविद्यालयों में भिजवा दी गई थी। इसके बावजूद यदि महाविद्यालयों ने प्रचार प्रसार नहीं किया को उनकी गलती है।
दूसरी ओर हिंदू कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्यव्रत सिंह रावत का यही कहना है कि सूचना तीन अगस्त को मिली। इसके तुरंत बाद कॉलेज के बोर्ड पर नोटिस चस्पा किया गया। इससे पहले भी परीक्षा की तिथियां विश्वविद्यालय की ओर से बदली गई हैं। छात्रों के पास उपलब्ध तीन अगस्त की प्रिटेंड डेटशीट में भी परीक्षा की तिथि बदली हुई नहीं थी। यदि विवि ने पहले ही डेटसीट अपडेट की थी तो ऑनलाइन परिवर्तन क्यों नहीं किया गया।