मुरादाबाद। साइबर ठग नए नए तरीके से लोगों को ठग रहे हैं। ठग लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर शिकार बना रहे हैं। इनके झांसे में आकर में मुरादाबाद के भी कई लोग अपनी रकम गवां चुके हैं।
डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी का नया तरीका है। साइबर ठग लोगों को वीडियो कॉल करते हैं। आरोपी खुद को पुलिस या इनकम टैक्स अधिकारी बताते हैं। लोगों को विश्वास हो जाए। इसके लिए वर्दी पहनकर कॉल करते हैं। बैक ग्राउंड भी ऐसा रखते हैं। जिससे लगे है कि कॉल करने वाला शख्स किसी दफ्तर में बैठा और और सही बोल रहा है। आरोपी उन्हें धमकाते हैं कि उनके पेनकार्ड और आधार कार्ड का इस्तेमाल गैर कानूनी कार्य में किया गया है। इतना नहीं आरोपी इस दौरान पूरी नजर रखते हैं। उन्हें किसी से बात तक नहीं करने देते। इसके बाद उन्हें धमका कर रुपये ट्रांसफर करा लेते हैं। मुरादाबाद के एक व्यक्ति को भी साइबर ठगों ने कॉल की थी।
आरोपी ने उसे धमकाया था कि उसने एक लड़की अश्लील वीडियो बनाया है। लड़की दिल्ली क्राइम ब्रांच के दफ्तर में शिकायत करने आई है। उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। अगर इस केस से बचना चाहते हैं तो 50 हजार रुपये जमा कर दें। युवक डर गया और आरोपी के बताए खाते पर रकम जमा कर दी थी।
डरें नहीं, पुलिस से मदद लें
एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि अगर कोई वीडियो कॉल करें तो सावधानी बरतें। अंजान नंबर से कॉल आने पर कैमरे पर अंगूठा लगाकर रिसीव करनें। अगर कोई धमकी भरा कॉल करता है तो डरने की जरूरत नहीं है। स्क्रीन रिकॉर्डिंग के जरिए वीडियो कॉल को रिकाॅर्ड करें। इसके बाद पुलिस से शिकायत करें।
ठगी से बचाव के लिए करें ये उपाय
- अंजान से आने वाली वीडियो कॉलिंग को रिसीव करने से बचें
- व्हाट्सएप पर अंजान नंबर से आने वाले लिंक को ओपन न करें
- सोशल मीडिया आईडी को सार्वजनिक की बजाए प्राइवेट सेटिंग में रखें