शहर में छुट्टा सांड़ (नंदी) के हमलों से करीब दो साल पहले एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई थी। इसके अलावा आए दिन सांड़ के हमले से कुछ लोग घायल होते रहते हैं। मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह व जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह इस पर अंकुश के लिए शहर में नंदीशाला का निर्माण कराने को लेकर प्रयासरत हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर नगर निगम ने इसके लिए लाकड़ी बाईपास मेन रोड पर 2500 वर्ग मीटर जमीन चिह्नित कर ली गई है।
नगर निगम प्रशासन अब इसके निर्माण के लिए प्रस्ताव बना रहा है। अगले वित्तीय वर्ष में इसके निर्माण का काम शुरू होने की उम्मीद है। निगम अधिकारियों का मानना है कि करीब 300 सांड़ों के संरक्षण की क्षमता वाली इस नंदीशाला के निर्माण के बाद शहर की सड़कों पर घूमने वाले सांड़ों के संरक्षण के साथ कान्हा गोशाला में भी सांड़ों के संरक्षण के दबाव को कम किया जा सकेगा।
शहर की कान्हा गोशाला में क्षमता से अधिक गोवंश
शहर में अभी तक एक मात्र गोशाला मैनाठेर की कान्हा गोशाला है। जिसका संचालन नगर निगम प्रशासन कर रहा है। 300 गोवंशों की क्षमता वाली इस गोशाला में वर्तमान में 466 गोवंश संरक्षित हैं। इसमें 277 सांड़ हैं।
- उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शहर में लाकड़ी बाईपास पर नंदीशाला के लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। उसके निर्माण का स्टीमेट तैयार किया जा रहा है। टेंडर आदि की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद उसका निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। इस नंदीशाला में करीब 300 सांड़ संरक्षित किए जाएंगे। - दिनेश सचान, मुख्य अभियंता नगर निगम