निरस्त फर्मों को भुगतान करने में मंडल
के अन्य जिलों से भी रिपोर्ट मांगी गई
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कमिश्नर ने मांगी आख्या, मंडल के अन्य जिलों से भी तलब की रिपोर्ट
- जीएसटी निरस्त फर्मों को लाखों के भुगतान का मामला, सीडीओ को जांच कराने के आदेश
(पीडीएफ दिनांक 28 जनवरी 2023 पेज दो)
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। बिलारी ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में जीएसटी निरस्त फर्मों को लाखों रुपये के भुगतान का मामला संज्ञान में आने के बाद मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने सीडीओ से तत्काल मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के साथ आख्या तलब की है। इससे महकमे में खलबली है।
बिलारी ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत हुए कार्य के लिए सामग्री खरीद के नाम पर खेल करते हुए कई ऐसी फर्मों को जीएसटी समेत लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया है जिनका जीएसटी रजिस्ट्रेशन कई साल पहले निरस्त हो चुका है। बिलारी ब्लॉक की ग्राम पंचायत उमरा गोपालपुर, मोहम्मदपुर सादिकपुर, समेत अधिकांश ग्राम पंचायतों में जीएसटी रजिस्ट्रेशन निरस्त फर्मों को लाखों रुपये का भुगतान किया गया है। शनिवार को अमर उजाला में इस आशय की खबर प्रकाशित हुई तो महकमे में खलबली मच गई। मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने इस मामले में सीडीओ से तत्काल मामले की जांच कराने के आदेश दिए हैं। मंडलायुक्त ने खबर का संज्ञान लेते हुए मंडल के सभी जिलों के डीएम और सीडीओ को अपने-अपने जिले में जांच कराकर रिपोर्ट भेजने को कहा है।
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बिलारी ब्लॉक में सीडीओ ने बैठाई जांच
बिलारी ब्लॉक में 98 ग्राम पंचायतें हैं। जहां करीब 8.50 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। बताया जाता है कि इनमें से काफी भुगतान ऐसी फर्मों को किया गया है जिनका जीएसटी रजिस्ट्रेशन निरस्त किया जा चुका है। सीडीओ सुमित यादव ने इसमें जांच बैठा दी है। सीडीओ ने बताया कि सबसे पहले संबंधित ब्लाक की उन दो ग्राम पंचायतों की सेंपल के रूप में जांच के आदेश दिए गए हैं जहां मनरेगा के कार्य पर सबसे अधिक धनराशि खर्च की गई है। उन्होंने बताया कि मंगूपुरा और सैफपुर जगना ग्राम पंचायतों में ब्लाक की अन्य ग्राम पंचायतों से अधिक धनराशि मनरेगा के कार्य पर खर्च की गई है। लिहाजा दोनों ग्राम पंचायतों की जांच क्रमश: जिला युवा कल्याण अधिकारी नरेश चौहान और जिला विकास अधिकारी जीबी पाठक की अगुवाई में टीम गठित कर दी गई है।
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प्रशासकों के कार्यकाल के दौैरान ग्राम पंचायतों में जीएसटी निरस्त फर्मों को भुगतान का मामला शासन की जांच टीम ने पकड़ा था। इसके बाद भी इस तरह की शिकायत मिलना गंभीर है। मंडल के सभी जिलों में इस तरह के मामलों की जांच कर कार्रवाई के साथ रिपोर्ट भेजने के निर्देश दे दिए गए हैं। ऐसी फर्मों को काली सूची में डालने के साथ उससे जुड़े लोगों की भी पहचान की जाएगी। जिससे वह दोबारा इसका फायदा न उठा सके। अब प्रवेक्षणीय अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई के लिए शासन स्तर पर भी लिखा जाएगा।
आंजनेय कुमार सिंह, मंडलायुक्त
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वर्ष 2021-22 में मनरेगा के कार्य पर कुल भुगतान का ब्लॉकवार ब्योरा लाख रुपये में
ब्लाक मजदूरी सामग्री कर
भगतपुर टांडा 960 245 32
बिलारी 847 528 74
छजलैट 544 218 18
डिलारी 821 434 57
डींगरपुर (कुंदरकी) 1148 251 26
मुरादाबाद 332 61 6
मूंढापांडे 883 158 18
ठाकुरद्वारा 1055 257 28