बिलारी (मुरादाबाद)। थानाक्षेत्र के सैफपुर जगना गांव निवासी भागवती (60) की हत्या कर दी गई। शुक्रवार सुबह ग्रामीण उसकी तलाश करते हुए जंगल पहुंचे तो शव साड़ी के सहारे पॉप्लर के पेड़ से लटका मिला। पुलिस ने मृतका के बेटे की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। शुक्रवार देर रात तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई थी।
मौत के घाट उतारी गई भागवती पत्नी स्व. अतर सिंह अपने बेटों सुरजीत तथा सुनील के साथ नोएडा में रहती थीं। चारों बेटियों की शादी हो चुकी है। एक सप्ताह पहले ही वह अपने 10 वर्षीय पोते युवराज के साथ पैतृक गांव आई थी। बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे अपने घर से गन्ने की रखवाली करने खेत पर गई थी। वह देर रात तक घर नहीं लौटी, तब उसके पोते युगराज ने पड़ोसियों को बताया। पड़ोसी और अन्य ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। शुक्रवार सुबह पड़ोसी गांव बरौली रुस्तमपुर के रकबे में भगत सिंह के गन्ने के खेत में पॉप्लर के पेड़ से भागवती का शव साड़ी के सहारे लटका मिला जबकि कुछ ही दूरी पर गन्ने के खेत में महिला की एक चप्पल और गले की चेन पड़ी थी। महिला के पैर भी जमीन से टिके हुए थे। सूचना मिलने थाना प्रभारी अमित कुमार और सीओ डॉ. गणेश कुमार गुप्ता घटनास्थल पर पहुंच गए और उन्होंने फोरेंसिक टीम भी मौके पर बुला ली। टीम ने जांच पड़ताल कर नमूने लिए। घटना की सूचना मिलने पर भागवती का बेटा सुरजीत सिंह भी नोएडा से आ गए। सुरजीत ने पुलिस को तहरीर देकर अज्ञात के खिलाफ हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। हालांकि सुरजीत की ओर से दी गई
तहरीर में गांव निवासी दो लोगों पर यह कहते हुए शक जाहिर किया गया है कि दो दिन पहले ये लोग जब खेत से गन्ना तोड़ रहे थे। तब मना करने पर मां से इनका झगड़ा हुुआ था। मां ने यह बात फोन पर सुरजीत को बताई थी।
भागवती के बेटे दस साल से रहे नोएडा में
भागवती के पति अतर सिंह की दस साल पहले मृत्यु हो गई थी। भागवती की चारों बेटियां शमी, भूरी, सुमन और मान्या की शादी हो चुकी है। भागवती के दोनों बेटे दस वर्ष से नोएडा
में रह रहे हैं। बड़ा बेटा सुरजीत नोएडा के एक कॉलेज में लैब असिस्टेंट हैं, जबकि छोटा बेटा सुनील नोएडा के ही कैलाश हॉस्पिटल में कर्मचारी है। भागवती भी बेटों के पास ही नोएडा में रहती थीं। फसल कटने के सीजन में वह सैफपुर जगना गांव आती थी। भागवती के पास एक एकड़ कृषि भूमि है। इस भूमि के आधे हिस्से में धान की फसल को कटवाने के लिए वह अपने दस वर्षीय पोते युगराज पुत्र सुनील को साथ लेकर एक सप्ताह पहले नोएडा से आई थी। शाम को वह अपने गन्ने के खेत की रखवाली करने भी चली जाती थीं। बृहस्पतिवार की शाम को भी वह अपने गन्ने के खेत पर गई थी, वहां से नहीं लौटीं।
भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी
भागवती के शव को देखने के लिए सैफपुर जगना और बरौली रुस्तमपुर समेत आसपास के कई ग्रामों से बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष घटना स्थल पर पहुंच गए। ग्राम चौकीदार की सूचना पर जब
कोतवाली बिलारी पुलिस मौके पर पहुंची तब भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। शव के पास ही मृतका की चारों बेटियां रो रही थीं और जोर से कह रही थीं कि उनकी मां की हत्या की गई है।
पायल, चेन और चप्पल अलग अलग मिलने
पुलिस को मृतका भागवती की पायल, चेन और चप्पल अलग अलग जगह मिले। उनकी चेन और एक चप्पल दूसरे किसान के गन्ने के खेत में पड़ा था, जबकि पायल शव लटके होने वाले खेत के पास मिली। मृतका का मोबाइल भी उसी गन्ने के खेत में पड़ा होना बताया गया, जहां उसका शव था। सीओ और कोतवाल ने यह सामान मिलने के स्थान को मौके पर जाकर देखा। शव का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी इस घटना के खुलासे में पुलिस जांच का अहम हिस्सा रहेेगी।
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बिलारी के गांव में महिला का शव पेड़ पर लटका मिला है। शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। बेटे की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है।
संदीप कुमार मीणा, एसपी देहात,