मस्जिदें नमाज-ए-तरावीह के लिए तैयार हैं। जहां नमाज-ए-तरावीह में कुरान की आयतें गूंजेगी। शहर की मस्जिद हो या गांव की, छोटी हो या बड़ी सभी मस्जिदों में खत्म शरीफ के दिन तय किए जा चुके हैं। इसके मुताबिक ही हाफिज कुरान सुनाएंगे। यही नहीं मस्जिदों में हाफिजों की आमद भी हो चुकी है। वहीं मस्जिदों की रंगाई पुताई का भी काम पूरा हो चुका है। शहर की मस्जिदों में पांच दिन से लगाए 29 दिन की नमाज-ए-तरावीह होती है। इसके लिए मस्जिदों में मुकम्मल इंतजाम किए गए हैं।
नमाज-ए-तरावीह की खासी फजीलत
- मरकाजी जमीअत अली सुन्नत मुरादाबाद के नायब सदर मुफ्ती मोहम्मद दानिश कादरी के मुताबिक रमजान में तरावीह की नमाज की खासी फजीलत बयान की गई है। तरावीह के जरिए रोजेदारों को पूरा कुरान सुनने का मौका मिलता है। रमजान में कुरान को सुनना एक सुन्नत है और 29 या 30 रमजान तक लगातार तरावीह पढ़ते रहना भी एक सुन्नत है। ऐसे में रोजेदारों को चाहिए कि पूरा कुरान सुनने के बाद भी तरावीह की नमाज का एहतिमाम करें।
किस मस्जिद में कितने दिन की होगी नमाज-ए-तरावीह
मस्जिद
दिन
मदरसा शाही, मंडी चौक
29
जामा मस्जिद
28
किले वाली मस्जिद
27
पुरानी मस्जिद गुइंयाबाग
27
असालतपुरा बड़ी मस्जिद 25
बड़ वाली मस्जिद इंद्रा चौक
21
मस्जिद हाफिज खां गुइंयाबाग
21
शेख मस्जिद झब्बू का नाला
15
मुगलोवाली मस्जिद
15
हजरत शाह बुलाकी साहब
15
दरगाह सुल्तान साहब 14
मस्जिद-ए-नबवी जिगर कॉलोनी
10
जामिल हुदा बड़ी मस्जिद गलशहीद
10
जामिया नईमिया दीवान का बाजार
10
लाल मस्जिद
10
इस्हाक मियां आंख अस्पताल के पीछे
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