फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad News: 50 फीसदी से अधिक कर्मचारियों ने नहीं दिया संपत्ति का ब्योरा

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। आईएएस, पीसीएस सहित राजपत्रित अधिकारियों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा ऑनलाइन भर दिया, लेकिन अभी तक 50 फीसदी से अधिक कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है। इसमें सबसे अधिक संख्या पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की है। डीएम अनुज सिंह ने भी इस बारे में मुख्य कोषाधिकारी से जानकारी ली है। शासन के निर्देशानुसार इन कर्मचारियों का वेतन रोकने पर निर्णय लिया जाएगा
विज्ञापन

मुख्य कोषाधिकारी रेनू बौद्ध ने बताया कि जिले में कुल कर्मचारियों की संख्या 21,250 है। जिले में प्रशासनिक अधिकारियों, न्यायिक और पुलिस अधिकारियों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा ऑनलाइन भर दिया है। उत्तर प्रदेश कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी-अपनी 2023 तक की संपत्ति का ब्योरा 31 अगस्त तक देना था, लेकिन शनिवार शाम तक 50 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा कोषागार विभाग को नहीं दिया।
मुख्य कोषाधिकारी का कहना है कि ब्योरा न देने में सबसे ज्यादा पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी हैं। छोटे-छोटे विभागों के कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति की जानकारी दे दी है। वहीं शिक्षा विभाग के कर्मचारी मानव संपदा पोर्टल पर ब्योरा देने को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। इस मामले में सोमवार को शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। शासन से ही कर्मचारियों का वेतन रोकने या देने पर फैसला होगा।
विज्ञापन

-
कई कर्मचारियों को सता रहा जांच का डर
जिले के तमाम कर्मचारी अपनी संपत्ति का ब्योरा देने से इसलिए डर रहे हैं, क्योंकि उन्हें आशंका है कि सरकार उनकी संपत्ति की जांच करा सकती है। शासन ने संपत्ति का ब्योरा देने की दो बार तिथि बढ़ाई। उसके बाद भी 50 फीसदी से ज्यादा कर्मचारियों ने संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया। अभी तक 47 फीसदी कर्मचारियों ने ही अपनी संपत्ति का ब्योरा दिया है। ब्योरा न देने वालों में तमाम कर्मचारी ऐसे हैं, जिनकी संपत्ति उनकी आय से बहुत ज्यादा है। ऐसे में उन्हें जांच का डर सता रहा है।

कई अधिकारी और कर्मचारी जांच के दायरे में
भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीमों ने जिले के लेखपालों सहित अन्य कर्मचारियों को घूस लेते हुए गिरफ्तार किया था। जांच में विभाग के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों की गर्दन फंसी हुई है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों की आय की संपत्ति की जांच कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें