बिजनौर में तैनात सिपाही महेंद्र पाल सिंह को पुलिस ने भू-माफिया घोषित कर दिया है। एसएसपी के आदेश पर सिपाही पर यह कार्रवाई की गई। बुजुर्ग महिला लीलावती ने एसएसपी कार्यालय के बाहर धरना देकर आरोपी सिपाही को भू-माफिया घोषित कराने की मांग की थी। आरोप है कि सिपाही ने साजिश रचकर लीलावती के पति शेर सिंह की जमीन का बैनामा अपनी पत्नी के नाम करा लिया था।
भू माफिया घोषित किया गया सिपाही महेंद्र पाल सिंह सिविल लाइंस की हिमगिरी कालोनी का निवासी है। इन दिनों उसकी तैनाती बिजनौर जनपद में है। पिछले सात माह से वह निलंबित चल रहा है। सिपाही पर आरोप है कि उसने मझोला थानाक्षेत्र के गांव धीमरी निवासी शेर सिंह की जमीन का बैनामा अपनी पत्नी के नाम करा लिया था। शेर सिंह ने आरोपी महेंद्रपाल सिंह के खिलाफ भी केस दर्ज कराया था, जिसमें चार्जशीट भी लग चुकी है।
शेर सिंह 15 दिसंबर 2020 से अपने घर पर ही अनशन पर बैठ गए थे। आठ जनवरी 2021 को शेर सिंह की मौत हो गई थी। इस मामले में सिपाही और उसके बेटे के खिलाफ मझोला थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कराया गया था। तीस जून को शेर सिंह की पत्नी लीलावती भी अपनी मांगों को लेकर कलक्ट्रेट के सामने अनशन पर बैठ गई थीं।
महिला की मांग थी कि आरोपी सिपाही को भू-माफिया घोषित किया जाए। कार्रवाई के आश्वासन पर महिला ने धरना खत्म कर दिया है। एसएसपी पवन कुमार के आदेश पर सिपाही को भू-माफिया घोषित कर दिया गया है। सिपाही पर आरोप है कि वह आर्थिक व भौतिक लाभ के लिए सुनियोजित ढंग से आम जनमानस की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर अपने परिजनों के नाम फर्जी दस्तावेज तैयार कर क्रय-विक्रय करता है।
फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूमि कब्जाने में सक्रिय है। सिविल लाइंस के अलावा आस पास में ही अपराध करता है। एएसपी अनिल यादव ने बताया कि सिपाही महेंद्र पाल सिंह को भू-माफिया घोषित किया गया है। आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।