भोजपुर थानाक्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म पीड़ित किशोरी का सड़क पर निर्वस्त्र वीडियो वायरल होने के मामले में बुधवार को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) समेत अन्य टीमों ने गांव पहुंच कर जांच की और परिजनों के बयान दर्ज किए। इस दौरान पीड़ित के पिता ने घटना से इनकार किया।
ठाकुरद्वारा के गांव निवासी एक व्यक्ति ने सात सितंबर को भोजपुर थाने में केस दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया था कि उसके साले की नाबालिग बेटी एक सितंबर को मेला देखने गई थी। आरोप है वहां से आरोपी नितिन, कपिल, अजय, नौशेअली अगवा कर ले गए थे। सैदपुर खद्दर के जंगल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। किशोरी के चीखपुकार की सुनकर खेत की सिंचाई कर रहे ग्रामीण आए तोआरोपी मौके से भाग गए थे।
पुलिस ने 15 सितंबर को इस मामले में नौशे अली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मंगलवार को एक महिला ने किशोरी का सड़क पर निर्वस्त्र वायरल वीडियो को ट्वीट पर मुरादाबाद पुलिस को टैग किया था। इस मामले में बुधवार को बाल कल्याण समिति, एएचटीयू, एलआईयू और भोजपुर थाने की पुलिस ने गांव पहुंच जांच की।
सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष अमित कौशल ने बताया कि उन्होंने गांव के लोगों के बयान लिए। इसके अलावा पीड़ित के पिता के भी बयान दर्ज किए गया। उन्होंने दुष्कर्म की घटना से इन्कार किया है। पिता के मुताबिक उसकी बेटी मानसिक रूप से कमजोर है। पिता ने लोगों से अपील की है कि उसकी बेटी का वीडियो वायरल न करें।
एसएसपी हेमंत कुटियाल ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। किशोरी मानसिक रूप से कमजोर है। सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार परकार्रवाई की जा रही है। वीडियो वायरल करने वालों को भी चिह्नित किया जा रहा है।