सिविल लाइंस थाने की अगवानपुर चौकी पुलिस की दबिश के बाद गलशहीद में पीतल कारीगर सरताज (33) की मौत हो गई। पुलिस पीतल के आइटम और एडवांस में लिए रुपए नहीं लौटाने की जांच करने के लिए उसके घर गई थी। परिजनों ने इस मामले में शिकायतकर्ता कारोबारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को गलशहीद थाने में तहरीर दी है।
गलशहीद थानाक्षेत्र के इंद्रा चौक स्थित प्रिंस रोड पर रहने वाला सरताज (33) पीतल का कारीगर था। परिवार में पत्नी रुखसाना और दो बेटी इनाया (3) व जुनैरा(1) हैं। बड़े भाई इरशाद ने बताया कि शनिवार को कस्बा अगवानपुर पुलिस चौकी के दरोगा कुछ युवकों के साथ मृतक के यहां दबिश में आए थे।
दरोगा ने बताया कि सरताज ने एक फर्म के मालिक से 50 हजार रुपए का एडवांस और 83 पीतल के आइटम लेकर आया था। फर्म मालिक के बार बार फोन करने पर भी नहीं लौटा रहा था।सरताज ने इस आरोप को बेबुनियाद बताया तो दरोगा गुस्सा गए। उन्होंने सरताज को जमकर हड़काया।
बाद में दरोगा चौकी में बैठकर इस मामले को निपटाने की बात कहकर चले गए। पुलिस के जाने के बाद अचानक सरताज की तबीयत खराब हो गई। वह चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़ा। परिवार के लोग उसको लेकर अस्पताल गए जहां डॉक्टर ने देखने के बाद उसको मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों के साथ क्षेत्रीय लोग आक्रोशित हो गए। इरशाद ने पुलिस को बताया कि सरताज अगवानपुर की एक फर्म में पीतल के आदत पर चांदी और निखित के पालिश चढ़ाने का काम करता था। उसने मालिक से प्रति आइटम के हिसाब से काम तय कर लिया था।
उसने साथ तीन से चार लड़के काम कर रहे थे। सभी लोग फर्म के लिए पीतल के आइटम बनाने में जुट गए। इस दौरान सरताज की फर्म पर करीब 50 हजार रुपए चढ़ गए। मालिक से हिसाब कर उसने पैसे देने को कहा, लेकिन मालिक ने उसको पैसे नहीं दिए। इसके बाद कारीगर ने फर्म का काम बंद कर दिया।
वह कई दिन तक फर्म में नहीं गया। इससे मालिक बौखला गया। वह फोन करके धमकाने लगा।फर्म मालिक ने कॉल करके झूठे आरोप में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद अगवानपुर पुलिस चौकी में उसने सरताज के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया। पुलिस दबिश देने सरताज के यहां गई थी।
इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और सदमे के चलते उसकी जान चली गई। रविवार को गलशहीद पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। शव परिजनों को सौंप दिया।
प्राइवेट गाड़ी से दबिश देने गई थी पुलिस
मृतक के भाई इरशाद के मुताबिक शनिवार को पुलिस सफेद रंग की क्रेटा से दबिश देने आई थी। जिसमें एक दरोगा और तीन लोग सादे कपड़े में थे। दरोगा खुद को चौकी इंचार्ज बता रहा था। एक युवक ने खुद को फर्म मालिक का रिश्तेदार बताया था। दरोगा के अलावा और कोई भी पुलिस विभाग से नहीं लग रहा था। उनकी बातचीत भी सिपाहियों की तरह नहीं थी।
पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं
रविवार को सरताज की मौत का कारण पोस्टमार्टम में भी स्पष्ट नहीं हुआ।शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे। इसलिए डॉक्टर की सलाह पर मौत की वजह जानने के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है। जांच के लिए बिसरा लैब भेजा जाएगा। इस बारे में सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि उनको घटना की जानकारी नहीं है।