ठाकुरद्वारा एसडीएम और खनन अधिकारी पर हमले में आरोपी 50 हजार के इनामी दिलशाद के सरेंडर करने के मामले में कोर्ट मोहर्रिर की लापरवाही सामने आई है। एसएसपी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट मोहर्रिर को लाइन हाजिर कर दिया है।
ठाकुरद्वारा में 13 सितंबर को एसडीएम परमानंद और खनन अधिकारी अशोक कुमार पर खनन माफिया और उनके गुर्गों ने हमला कर खनन से लदे डंपर छुड़ा लिए थे। इस मामले में पांच नामजद और 150 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस 18 आरोपी जेल भेज चुकी थी, लेकिन ठाकुरद्वारा के रतूपुरा निवासी दिलशाद फरार चल रहा था। उस पर डीआईजी ने पचास हजार का इनाम घोषित किया था। आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें लगी थी। 18 अक्तूबर को वह बुर्का पहनकर कोर्ट पहुंचा और उसने अपने अधिवक्ता की मदद से कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था।
एसएसपी हेमंत कुटियाल ने इस मामले की जानकारी मिलने के बाद अभियोजन अधिकारी को जांच के आदेश दिए गए थे। जांच में कोर्ट मोहर्रिर की लापरवाही सामने आई। आरोपी ने सरेंडर के लिए कोर्ट में अपने अधिवक्ता के जरिये कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। बावजूद इसके कोर्ट मोहर्रिर अमित कुमार बालियान ने इसकी जानकारी संबंधित थाने और अधिकारियों को नहीं दी। जिस कारण दिलशाद सरेंडर कर जेल जाने में कामयाब हो गया। एसएसपी हेमंत कुटियाल ने सीजेएम कोर्ट में
तैनात मोहर्रिर अमित कुमार बालियान को लाइन हाजिर कर दिया। एसपी देहात संदीप कुमार मीना ने इसकी पुष्टि की है।
दिलशाद को रिमांड पर लेगी पुलिस, खुल सकते हैं सफेदपोशों के नाम खनन माफिया दिलशाद को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। इसके बाद इस मामले में अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। आरोपी दिलशाद ने पुलिस को चकमा देकर 18 अक्तूबर को कोर्ट में सरेंडर किया था। एसपी देहात ने बताया कि आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। वीडियो फुटेज के जरिये नौ और लोगों की पहचान हुई है।