साइबर ठग ने ऑनलाइन एडमिशन फीस जमा करने का झांसा देकर ट्यूशन टीचर को एक लिंक भेजा, जिसे टच करते ही उनके खाते से के खाते से 1.85 लाख उड़ गए। मोबाइल पर खाते से रुपये ट्रांसफर होने का मैसेज मिला तो ट्यूशन टीचर के होश उड़ गए।
सिविल लाइंस की जिगर कॉलोनी निवासी सैयद नोमान मनरेगा में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी हैं। उनकी पत्नी सुमैरा खान ने थाने में दी तहरीर में बताया कि चार-पांच दिन पहले उनके पास एक व्यक्ति ने कॉल की थी। उसने बताया था कि वह अपने बेटे और बेटी को ऑनलाइन ट्यूशन पढ़ाना चाहता है। टीचर ने उसे ऑनलाइन क्लास के समय के अलावा एडमिशन व मासिक फीस के बारे में जानकारी दी। आरोपी ने टीचर से कहा कि पेटीएम के जरिये फीस जमा करेगा, जिस पर टीचर ने भी सहमति दे दी।
आरोपी ने कहा कि वह एकमुश्त 75 हजार रुपये जमा करेगा। ठग ने कहा कि पहले एक रुपये पेटीएम करता हूं जिसे आप स्वीकार (एक्ससेप्ट) कर लेना। आरोपी ने एक लिंक भेजा जिसे टीचर ने क्लिक किया तो उनके खाते में एक रुपया क्रेडिट हो गया। इसके बाद आरोपी ने फोन पर बात की और कहा कि वह लिंक भेज रहा है जिसे तुरंत स्वीकार कर लेना, वरना भुगतान फंस जाने का खतरारहता है। इस बार आरोपी ने दोबारा लिंक भेज दिया।
जैसे ही टीचर ने लिंक को क्लिक किया तो उनके खाते से 1.85 लाख रुपये किसी अन्य खाते में ट्रांसफर हो गए। आधे घंटे बाद टीचर ने मोबाइल पर आए मैसेज को पढ़ा तो उनके होश उड़ गए । टीचर ने नंबर पर कॉल करनी चाही, लेकिन नंबर बंद हो चुका था।
सीओ ने लोगों को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया वीडियो
सीओ सिविल लाइंस अनूप सिंह ने बताया कि उनके पास इस तरह की ठगी का मामला पहली बार सामने आया है। साइबर ठग नए-नए तरीके से ठगी कर रहे हैं। उन्होंने लोगों को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया ताकि लोग समझ जाएं कि साइबर ठग कोचिंग फीस, स्कूल फीस के नाम पर भी साइबर ठगी कर रहे हैं। सीओ ने बताया कि पुलिस और साइबर सेल टीचर के रुपये वापस कराने मेंजुटी है। इसके लिए बैंक और एजेंसियों से संपर्क किया जा रहा है।