अरमान कोहली बनकर नर्सरी संचालक की 16 वर्षीय बेटी को मोहब्बत के झांसे में लेने वाले संभल जिले के मोहम्मद अफजल ने लगभग एक माह उसके साथ फोन पर चेटिंग की। नाम बदलने के अलावा वह चेटिंग में पूजा-पाठ से जुड़ी ऐसी बातें शेयर करता था कि किशोरी को उसकी असलियत पता न चल सके। यही वजह रही कि किशोरी उसके भरोसे में आकर दिल्ली तक चली गई। पुलिस के दिल्ली पहुंचने से उसकी किशोरी से शादी और धर्मांतरण कराने की साजिश पर पानी फिर गया।
हसनपुर-गजरौला रोड पर स्थित नर्सरी पर चालक बनकर पहली बार पहुंचे संभल जनपद के हयातनगर थानाक्षेत्र के गांव मंगलपुरा सरायतरीन निवासी मोहम्मद अफजल ने किशोरी को अपने भ्रमजाल में ऐसा फंसाया कि वह उसकी कही हर बात को सच मानती चली गई। नर्सरी पर अफजल पहली बार मार्च 2021 में पहुंचा था। उसने किशोरी से मुलाकात के बाद फोन पर चेटिंग शुरू कर दी। एक माह तक चेटिंग में उसने न सिर्फ अपना नाम अरमान कोहली बताया बल्कि इस तरह की धार्मिक बातें भी लिखीं कि किशोरी उस पर शक न कर सके।
भरोसा जीतने के बाद अफजल दो अप्रैल 2021 को किशोरी को दिल्ली ले गया। शक होने पर किशोरी के पिता नर्सरी संचालक ने रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस दिल्ली में उस्मानपुर के उस ठिकाने तक पहुंच गई, जहां दोनों ठहरे थे। तब तक किशोरी उसकी असलियत जान चुकी थी। पुलिस के पहुंचते ही किशोरी ने अपने साथ शादी और धर्मांतरण कराने की साजिश की जानकारी दी। पुलिस ने अफजल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कुछ दिन बाद वह जमानत पर छूट गया।
अदालत में इस मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी ने मजबूत तर्कों के साथ सजा की पैरवी की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अफजल को सजा सुना दी।