मुरादाबाद। प्रकाश कुंज कॉलोनी, सागर सराय, कृष्णा कॉलोनी, सैनी बस्ती समेत आस-पड़ोस के मोहल्ले और बस्ती ऐसी हैं जहां चार से छह फीट के रास्ते हैं। इन रास्तों पर दमकल गाड़ियां तो छोड़िए दो बाइक आमने-सामने से आएं तो निकलना मुश्किल हो जाए। ऐसे में फैक्टरी, गोदाम में आग की लपटें बढ़ती ही जा रही थीं। फैक्टरी में कितना मोम और ज्वलनशील पदार्थ रखा था। इसका अब तक अंदाजा नहीं लग पाया है। ऐसे में समय रहते अगर अधिकारियों ने कॉलोनी खाली नहीं कराई होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। डीएम डा. राजेंद्र पैंसिया और पुलिस कप्तान सतपाल अंतिल कृष्णा कॉलोनी की ओर मौजूद रहे और उन्होंने अभिषेक अग्रवाल, सचिन मित्तल के घर और इस पूरी लाइन में अन्य 12 मकान भी खाली करा दिए थे। सभी लोग सड़कों पर मौजूद रहे या फिर अन्य मकानों, अपने रिश्तेदारों के घर चले गए। इसके अलावा प्रकाश कुंज कॉलोनी में पुलिस अधीक्षक नगर कुमार रण विजय सिंह मौजूद रहे। इस कॉलोनी के भी सभी मकान खाली करा दिए गए। गैस सिलिंडर घरों से बाहर निकलवा दिए गए। आग की लपटें फैक्टरी के पिछले हिस्से में सबसे ज्यादा फैल रहीं थीं और दूसरे मकानों की ओर पहुंच रहीं थीं। यहां न तो गाड़ियां जाने कोई रास्ता था और न ही आग बुझाने के लिए वहां कोई अन्य संसाधन था। ऐसे में अधिकारियों ने निर्णय लेने में देर नहीं की। एसएसपी और डीएम ने पूरी टीम को लगा दिया है कि इस प्रकाश कुंज कॉलोनी में पानी कैसे पहुंचाया जाए इस पर मंथन किया गया। करीब 300 मीटर पाइपलाइन डाली गई। इसके बाद पांच घंटे लगातार पानी की बौछार डाली गई। जिस कारण आग को आगे बढ़ने से रोका गया। इस दौरान कॉलोनी के लोग भी पुलिस प्रशासन के साथ जुटे रहे।