संभल के मुबारकपुर गांव में आयोजित पंचायत में भाकियू असली के मुरादाबाद और संभल दोनों जिलों से पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए। भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह के दिल्ली आंदोलन में व्यस्त होने के चलते भाकियू असली युवा के प्रदेश प्रभारी ऋषभ चौधरी ने पंचायत की अध्यक्षता की। ऋषभ चौधरी ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के दिल्ली आंदोलन में जाने से रोकने के नाम पर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भाकियू असली के जिलाध्यक्षों को पुलिस प्रशासन ने नजरबंद कर लिया है। शासन व प्रशासन से मांग कि सभी नजरबंद जिलाध्यक्षों को आजाद किया जाए। प्रदेश प्रभारी ने कहा कि एमएसपी को लेकर किसान संगठनों की लड़ाई जारी रहेगी। इसको लेकर 17 फरवरी को संभल जिले के कैला देवी थाना क्षेत्र के गांव भटौला में महापंचायत होगी। जिसमें आगामी आंदोलन को लेकर चर्चा को जाएगी।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों का हितैषी होने का मात्र दिखावा करती है। सरकार को चाहिए कि उद्योगपतियों की तरह किसानों के भी सभी कर्ज माफ किए जाए। उत्तर प्रदेश में विद्युत संशोधन बिल 2020 को वापस लिया जाए। लखीमपुर खीरी में चले किसान आंदोलन के दौरान मृतक किसानों के आश्रितों को मुआवजा देने के अलावा घायल हुए किसानों का बेहतर उपचार कराया जाए। साथ ही लखीमपुर खीरी कांड के दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। पंचायत की अध्यक्षता धनवीर सिंह मंडवा और संचालन आशिक रजा राजपुर ने किया। पंचायत में राष्ट्रीय प्रमुख सचिव ऋषिपाल सिंह, डा. मोहम्मद जावेद, मोहन सिंह, दिलशाद हुसैन, अनीस अहमद, मोहम्मद सुलेमान, हरिशंकर यादव, वीरेंद्र राघव, वीरेश यादव, ओमप्रकाश राणा, फतेह सिंह मौजूद रहे।