खराब गुणवत्ता की एलटी केबिल खरीदकर विद्युत वितरण में अधिशासी अभियंता रोहताश सिंह समेत चार के निलंबन के बाद आला अधिकारी अलर्ट हो गए हैं। पिछले पांच माह में करोड़ों रुपये खर्च कर मुरादाबाद जिले में नए एलटी एबी केबल डाले गए हैं। अब एक-एक कर सभी कार्यों की जांच डिस्कॉम के उच्चाधिकारियों से कराई जाएगी।
नए एलटी केबिल डालने का उद्देश्य ही तारों में आग लगने की घटनाएं रोकना व फाल्ट कम करना है। विद्युत निगम का मानना है कि इस तार में कट लगाकर विद्युत चोरी भी आसानी से नहीं की जा सकती। इसके लिए पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आरडीएसएस योजना के तहत काम चल रहा है। इसके अलावा बिजनेस डेवलपमेंट प्लान के तहत भी शहरों में नए एलटी केबल डाले जा रहे हैं। मुरादाबाद में जिगर कॉलोनी, मझोला, करूला, सीतापुरी, सिविल लाइंस, आशियाना समेत कई स्थानों पर अब तक एलटी केबल डाले जा चुके हैं। कांशीराम नगर व सिविल लाइंस में भी एलटी एबी केबल जलने की घटनाएं हो चुकी हैं। पीवीवीएनएल की एमडी ईशा दुहन ऐसे मामलों में सख्ती बरत रही हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट कहा है कि यदि अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही मिली तो कार्रवाई में कोई रियायत नहीं होगी।
पिछले माह दो जेई हुए थे निलंबित
घटिया सामग्री लगाने के मामले में विद्युत कर्मियों के निलंबन का मुरादाबाद में यह पहला मामला नहीं है। पिछले महीने दो जेई भी मानक के अनुसार ट्रांसफार्मर में उपकरण न लगाने के मामले में निलंबित हो चुके हैं। खुशहालपुर व इस्लामनगर में बिजनेस डेवलपमेंट प्लान के तहत पिछले साल दो ट्रांसफार्मर लगाए गए थे। मई 2024 में निरीक्षण हुआ तो पता चला कि ट्रांसफार्मरों में एलटी एमसी बॉक्स व एलटी इनकमिंग पैनल नहीं लगाया गया था। वित्तीय नुकसान पहुंचने के मामले में जेई क्रांति सिंह और अनिल कुमार निलंबित चल रहे हैं।
घटिया सामग्री इस्तेमाल करने के मामले में मुख्यालय स्तर से कार्रवाई हुई है। हमने सभी स्टाफ को सख्त निर्देश दिए हैं कि ईमानदारी से जनहित में कार्य करें। जांच में लापरवाही मिली तो कार्रवाई नहीं रुकेगी। - आरके बंसल, मुख्य अभियंता