मुरादाबाद। साहित्यिक संस्था हिन्दी साहित्य संगम के तत्वावधान में मिलन विहार स्थित आकांक्षा विद्यापीठ इंटर कॉलेज में मासिक काव्य-गोष्ठी का आयोजन किया गया।
राजीव प्रखर ने दूर सभी झगड़ों से देखो, बचपन कितना प्यारा है रचना सुनाई। ओंकार सिंह ओंकार ने नफ़रत को मुहब्बत में बदलने नहीं देते हैं कौन जो दुनिया को संभलने नहीं देते, लोगों ने बिछाए हैं हर इक राह में कांटे बेख़ौफ़ मुसाफिर को जो चलने नहीं देते रचना प्रस्तुत की। राजीव सक्सेना ने सीपी बनने की कोशिश में टूट गए घोंघों के खोल खुल गई नकलीपन की पोल रचना सुनाई। अशोक विश्नोई ने मन में सुन्दर स्वप्न सजाएं हर असमंजस दूर भगाएं घोर निराशा के तम में सब आओ आशा दीप जलाएं रचना प्रस्तुत की। योगेन्द्र वर्मा व्योम ने न जाने किस भंवर में ज़िंदगी है ठहाके मौन हैं ग़ायब हंसी है रचना सुनाई। जितेन्द्र कुमार जौली ने मेरा भारत देश महान, जय हिन्दी, जय हिन्दुस्तान रचना के माध्यम से हिंदी को नमन किया। रामदत्त द्विवेदी ने दृष्टिकोण यदि खुद का बदले तो सब बदला हुआ मिलेगा, जिस रंग का चश्मा पहनेंगे, बाहर वह ही रंग दिखेगा रचना प्रस्तुत की। इस दौरान अशोक विद्रोही, रामेश्वर प्रसाद वशिष्ठ, डॉ. मनोज रस्तोगी, नकुल त्यागी, मनोज मनु, दुष्यंत बाबा, राशिद हुसैन, पदम बेचैन आदि ने भी रचनाएं सुनाईं। ब्यूरो