संवाद न्यूज एजेंसी कुंदरकी। कुंदरकी नगर में आयोजित में रजा ए मुस्तफा कॉन्फ्रेंस एवं दस्तारबंदी कार्यक्रम में मदरसा रजा ए मुस्तफा के 5 मौलवी, 13 कारी और 2 हाफिज ए कुरान बनने वाले 20 मदरसा छात्रों के सिरों पर दस्तार (पगड़ी) बांधी गई। रजा ए मुस्तफा कॉन्फ्रेंस में मुफ्ती मोहम्मद नदीम अजहरी ने फरमाया कि कुरान ए करीम को समझकर पढ़ता और उस पर अमल करता है, उसकी जिंदगी दुनिया में भी बेहतर होती है और आखिरत में भी कामयाबी नसीब होती है। कॉन्फ्रेंस में मुफ्ती मोहम्मद इमरान हनफी ने कहा कि मदरसे दीन के किले हैं और मदरसों से निकलने वाले छात्र जब दीनी औरदुनियावीं तालीम हासिल कर समाज में कार्य करते हैं तो उनका कार्य करने का तरीका दूसरों से अलग होता है। उन्होंने कहा कि तालीम पर विशेष ध्यान दें, चाहे सादा रोटी खानी पड़े, लेकिन अपने बच्चों को तालीम जरूर दिलाएं। कॉन्फ्रेंस में सरपरस्ती सैयद डॉ नासिर मियां ने और सदारत कारी अब्दुल वकील साहब ने की। कॉन्फ्रेंस में सैय्यद वसीम मियां, मुफ्ती मोहम्मद नईम मंजरी, मुफ्ती मुजफ्फर हुसैन मिस्बाही, मुफ्ती मुस्लिम, मौलाना हबीबुर्रहमान, कारी अशरफ, मुफ्ती दानिश कादरी, मुफ्ती ग्यासुद्दीन, मुफ्ती ज़िया उल मुस्तफा, मौलाना ताहिर, शहादत हुसैन समेत कसीर तादाद में मुसलमान रहे। अंत में मुल्क और कौम की तरक्की और खुशहाली के लिए दुआ की गई।