मुरादाबाद। कटघर में फर्मकर्मी इस्लाम की हत्या के मामले में शनिवार को अदालत ने पत्नी और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 11 साल पुराने मामले में महिला ने अवैध संबंधों में बाधा बनने पर प्रेमी के साथ मिलकर पति की गला रेतकर हत्या कर दी थी। अदालत ने दोनों पर जुर्माना भी लगाया।
कटघर क्षेत्र के रहमत नगर निवासी उस्मान ने 14 जून 2013 को थाने में केस दर्ज कराया था। उसने बताया था कि उसके भाई इस्लाम ने कुछ माह पहले रुकय्या से प्रेम विवाह किया था। तब हमारा परिवार मझोला के मियां काॅलोनी में किराये पर रहता था, जहां राशिद और रुकय्या के बीच प्रेम संबंध हो गए थे। इस्लाम पीतल फर्म में नौकरी करता था। उसके काम पर जाने के बाद राशिद और रुकय्या चोरी से मिलते थे।
इसकी जानकारी होने पर इस्लाम और उस्मान ने मियां कॉलोनी से किराये का मकान छोड़ दिया और रहमत नगर में रहने लगे थे। इसके बाद भी रुकय्या ने राशिद से मिलना नहीं छोड़ा। इसी बात पर इस्लाम और रुकय्या के बीच झगड़ा होता था। 13 जून 2013 की रात उस्मान के पिता सुलेमान घर की छत पर सो रहे थे। नीचे कमरे में इस्लाम और रुकय्या सोए हुए थे।
सुबह करीब चार बजे इस्लाम के चीखने की आवाज आई। सुलेमान नीचे आए तो रुकय्या इस्लाम के हाथ पकड़े हुए थी, जबकि राशिद चाकू ने गला रेत रहा था। सुलेमान के शोर मचाने पर राशिद जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया। परिवार के लोग इस्लाम को अस्पताल लेकर गए, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और आरोप पत्र अदालत में पेश किया था।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार की अदालत में की गई। केस के वादी उस्मान और उसके पिता समेत अन्य गवाहों ने घटना की पुष्टि की। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर आरोपी रुकय्या और उसके प्रेमी राशिद को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। दोषी करार दिए गए राशिद पर आयुध अधिनियम के अंतर्गत एक हजार रुपये का अलग से जुर्माना लगाया गया।
11 साल से जेल में बंद है दोषी राशिद
हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए राशिद को पुलिस ने घटना के बाद ही गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। उसकी जमानत न तो जिला अदालत से हो पाई न ही हाईकोर्ट से। रुकय्या जमानत पर रिहा हो चुकी थी, लेकिन शनिवार को अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
19 पेज के आदेश में अदालत ने मानी निर्मम हत्या
11 साल पहले रुकय्या ने प्रेमी राशिद के साथ मिलकर अपने पति इस्लाम की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी थी। अदालत ने अपने विस्तृत आदेश में कहा कि इस्लाम की हत्या एक निर्मम हत्या की श्रेणी में आती है। इसके लिए आजीवन कारावास की सजा ही सही होगी।
इस्लाम से प्रेम विवाह के बाद राशिद से करने लगी थी प्रेम
दोषी करार दी गई रुकय्या और इस्लाम ने प्रेम विवाह किया था, लेकिन इस शादी से घर वाले खुश नहीं थे। आए दिन झगड़ा होता रहता था। इसी दौरान रुकय्या और उसके पड़ोस में रहने वाले राशिद की दोस्ती हो गई और उनके बीच प्रेम संबंध हो गए। इसके बाद दोनों ने साजिश रचकर इस्लाम की हत्या कर दी थी।