फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad: दस रुपये मांग मालिक के बेटे को ले गया, फिर फोन पर मांगी फिरौती, अब जिंदगी भर जेल में रहेगा

Tue, 07 Nov 2023 10:58 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

नागफनी निवासी फैजल उर रहमान ने फरवरी 2016 को मुकदमा दर्ज करवाया। इसमें उन्होंने तीन लोगों पर बेटे को अगवा करने की बात कही थी। पुलिस ने जांच के बाद बच्चे को रामपुर से बरामद कर लिया था। कोर्ट ने दो को आजीवन उम्रकैद की सजा सुनाई है। 
विज्ञापन
US Court - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुरादाबाद में फिरौती के लिए कारोबारी के ढाई साल के बेटे को अगवा करने के मामले में अदालत ने दो मुजरिमों में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि इस मामले में शामिल रहे तीसरे नाबालिग आरोपी की फाइल किशोर न्याय बोर्ड में भेज दी गई है। दोनों दोषी कारोबारी के पूर्व कर्मचारी हैं।

विज्ञापन


नागफनी क्षेत्र के महल सराय जिगर रोड निवासी फैजल उर रहमान कारोबारी हैं। उन्होंने 20 फरवरी 2016 को नागफनी थाने में मुकदमा दर्ज कराया। जिसमें उन्होंने बताया था कि 20 फरवरी की शाम घर में मेरी बहन की सगाई का कार्यक्रम चल रहा था।

इसी दौरान घर में काम करने वाला नाबालिग नौकर उनके पास आया। उसने कहा था कि वह उसे दस रुपये दे दें आपके बेटे फय्याज उर रहमान को बाहर से चीज दिला कर लाता हूं। काफी देर तक जब नौकर बेटे को वापस लेकर नहीं आया तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू कर दी।
विज्ञापन


नौकर को फोन करना चाहा लेकिन उसका फोन स्विच ऑफ था। रात करीब दस बजे कारोबारी के मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि तुम्हारा बेटा हमारे कब्जे में है अगर उसकी जिंदगी चाहते हैं तो 10 लाख रुपये हमारे बताए पते पर पहुंचा दीजिए अगर पुलिस को जानकारी देंगे तो बच्चे की हत्या कर दी जाएगी।

इस मामले में पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन निकाल कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और बच्चे को भी सही सलामत बरामद कर लिया। पकड़े गए अपहरणकर्ता में घर में काम करने वाला नागफनी के डहेरिया निवासी नाबालिग नौकर, तहसीन उर्फ तहसीम पुत्र मोहम्मद अहमद निवासी तबैला थाना मुगलपुरा और वसीम गंजा पुत्र इसरार हुसैन निवासी हाजी नेक की मस्जिद थाना नागफनी को गिरफ्तार कर लिया गया। जिन्हें बाद में जेल भेज दिया गया था।

इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहित शर्मा की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मधु रानी चौहान ने बताया कि आरोपियों में घर में काम करने वाला नौकर नाबालिग था। इस कारण से उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेजी गई है।

जबकि अन्य दोनों आरोपियों के खिलाफ वादी समेत अन्य गवाहों ने अदालत में हाजिर होकर अपने बयान दर्ज कराए। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपी तहसीन उर्फ तहसीम और वसीम को दोषी करार देते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा के साथ प्रत्येक पर 22-22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

रामपुर से बरामद किया गया था बच्चा

दोषी करार दिए गए आरोपी घर में नौकरी करने वाले नाबालिग नौकर की मदद से फैजुल उर रहमान के बेटे फय्याज उर रहमान को अपहरण कर रामपुर ले गए थे। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जब पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल को सर्विलांस के जरिए ट्रेस किया।

जिससे मोबाइल की लोकेशन रामपुर में मिली थी। पुलिस रामपुर पहुंची और आरोपियों को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया था। जिनके पास मोबाइल फोन समेत अवैध हथियार भी बरामद किए गए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें