कटघर के सात साल पुराने दोहरे हत्याकांड में अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए पिता-पुत्र समेत पांच को दोषी करार दे दिया। अदालत ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।प्रत्येक पर 45-45 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
घटना सात साल पहले कटघर थानाक्षेत्र के कोहिनूर तिराहे पर हुई थी। रामपुर के टांडा थानाक्षेत्र के सिकंदराबाद निवासी शकील पुत्र शराफत ने 29 अगस्त 2015 को कटघर थाने में केस दर्ज कराया था कि वह अपने भाई के साथ कटघर क्षेत्र में कोहिनूर तिराहे के पास दिल्ली कारगो ट्रांसपोर्ट कंपनी में करता था। 29 अगस्त की रात करीब आठ बजे कोहिनूर तिराहे पर उसके गांव निवासी सलीम, साहब जादे पुत्रगण रहीम बक्श, कल्लू पुत्र रसूल बक्श, जाकिर पुत्र कल्लू और इनाम अली पुत्र लतीफ अपने हाथों में तमंचे लेकर आ गए। उन्हें देखने के बाद खलील भागने लगा।
शराफत ने बताया था कि आरोपियों ने घेराबंदी कर खलील को पकड़ कर गोली मार दी थी, ''जब मैं खलील को बचाने के लिए आया तो जाकिर ने मेरे ऊपर भी फायर किया। जिसकी गोली मुझे नहीं लगकर शहीद सलीम पुत्र अनवर नइम निवासी अमतुल विहार शम्सी कॉलोनी थाना कटघर को लग गई थी, जिससे शहीद सलीम की भी मौत हो गई। आरोपियों में शामिल रहे सलीम की बेटी से खलील के संबंध चल रहे थे। इसी रंजिश की वजह से इन लोगों ने मिलकर उसके भाई की हत्या की है।''
इस मामले में पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम अरविंद कुमार सिंह द्वितीय की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रज राज सिंह ने बताया कि पुलिस ने तीन आरोपियों के नाम अपनी विवेचना मे से निकाल दिए थे। वादी द्वारा अदालत में बयान दर्ज होने के बाद अदालत ने पांचों आरोपियों को तलब किया।
घटना के चश्मदीद गवाहों ने अदालत में आकर आरोपियों के खिलाफ गवाही दी। पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पांचों को दोहरे हत्याकांड का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है साथ ही प्रत्येक दोषी पर 45-45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।