मुरादाबाद। नागफनी के पांच साल पुराने इमरान हत्याकांड में एडीजे (दस) इंतेखाब आलम की अदालत ने मुलजिम
अरशद उर्फ असद उल्ला को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि 55 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
एडीजीसी नाहर सिंह त्यागी ने बताया कि 27 जून 2014 को भट्ठी पर पीतल गलाने का कार्य करने वाले इमरान की चाकू से गोद कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में इमरान के भाई गु़फरान ने अरशद उर्फ असद उल्ला और शहजाद उर्फ जोकर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। घटना के समय इमरान नागफनी के मोहल्ला न्यायरियान से गुजर रहा था। इसी दौरान वहां आरोपी पहुंच गए। उन्होंने इमरान से दूसरी जगह कार्य करने का दबाव बनाया था, लेकिन इमरान ने उनकी बात मानने इनकार कर दिया था। इससे नाराज होकर इमरान की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इस केस की सुनवाई एडीजे दस इंतेखाब आलम की अदालत में चली। जिसमें सरकार की ओर से नाहर सिंह त्यागी ने पक्ष रखा और मुलजिमों को कड़ी सजा दिलाने की दलीलें दीं। इस मामले में दस लोगों की गवाही हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तथ्यों का अध्ययन करने के बाद मुलजिम अरशद उर्फ असद उल्ला को दोषी करार दिया, जबकि पुख्ता सबूत न मिलने पर शहजाद उर्फ जोकर को रिहा कर दिया गया है। दोषी अरशद पर 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अथदंड की धनराशि केस के वादी को दी जाएगी।