मुरादाबाद। कोल्ड ड्रिंक न पीकर युवाओं को छाछ पीना चाहिए। जंक फूड छोड़कर घर का भोजन खाना चाहिए। देर रात जागने की बजाय समय से सोकर 8 घंटे नींद लेनी चाहिए। ऐसे करने से डायबिटीज (शुगर) से बचे रहेंगे।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की वार्षिक सीएमई में मेरठ के हार्मोन व डायबिटीज रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित रस्तोगी ने यह सुझाव दिया। उन्होंने कहा आजकल हर तीसरा व्यक्ति डायबिटीज से पीड़ित है। जिनके घर के सदस्य को यह बीमारी है उन्हें ज्यादा सचेत रहने की जरूरत है। खानपान का ध्यान रखें और रोजाना 45 मिनट व्यायाम जरूर करें। उन्होंने कहा कि मोटा अनाज डायबिटीज के रोगियों के लिए औषधि के समान है।
डॉ. अमित ने सीएमई में थायराइड के उपचार व जांच की नई विधियों के विषय में बताया। कहा कि आजकल कोविड व वायरल के कारण हल्का बुखार व थायराइड ग्रंथी में दर्द की शिकायत आ रही है। इसे थायराइड बीमारी समझकर उपचार शुरू न करें। बल्कि थायराइड स्कैन टैस्ट से सही पता लगाएं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीआईजी शलभ माथुर, विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह, सीएमओ डॉ. एमसी गर्ग, आईएमए की सचिव डॉ. सीमा मिड्ढा, डॉ. तरुण अग्रवाल, डॉ. राजशेखर, डॉ. यूसी रस्तोगी, डॉ. स्मिता अग्रवाल , डॉ. दिशांतर गोयल, डॉ. रवि गंगल, डॉ. सुधीर मिड्ढा, डॉ. विनय कुमार, डॉ. आरके जैन आदि।
बच्चों को शहद के साथ दे तुलसी का रस
केजीएमसी लखनऊ के श्वास रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने सांस से संबंधित विभिन्न रोगों व उनके उपचार के विषय में बताया। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों को जन्म के समय से सांस लेने में दिक्कत है। उन्हें तुलसी के पत्तों का रस शहद के साथ दें। जिनके परिवार में दमा का मरीज होता है, उनके बच्चों को यह खतरा रहता है। तुलसी का रस व शहद इससे बचाव करता है। एक शोध के मुताबिक गर्मियों में कूलर की सफाई न करने से उसकी घास पर जमा फंगस सांस के साथ अंदर जाता है। इससे फेफड़ों में संक्रमण हो जाता है। जिन बच्चों में खून की कमी है, उन्हें गुड़ खिलाएं। इसमें आयरन होता है, जोकि एनीमिया को खत्म करने में मददगार है।
एस्थेटिक गायनोकोलॉजी है महिलाओं की कमजोरी का इलाज
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवानी सचदेवा व डॉ. पूनम मिश्रा ने महिलाओं की बीमारियों के आधुनिक उपचार पर चर्चा की। डॉ. पूनम ने कहा कि बढ़ती उम्र में भी अंदरूनी ताकत के लिए कॉस्मेटिक सर्जरी कारगर है। पुरुषों की कमजोरी के लिए सब बात करते हैं लेकिन महिलाएं खुल कर नहीं बोल पाती हैं। उनके लिए एस्थेटिक गायनोकोलॉजी आधुनिक उपचार है। उन्होंने बिना सर्जरी के इलाज की विधि भी बताई। कहा कि लेजर के जरिये या प्लेटलेट्स रिच प्लाज्मा थैरेपी के जरिये महिलाओं की समस्या का बेहतर उपचार संभव है।
जीबी पंत अस्पताल दिल्ली के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ देवाशीष चौधरी ने माइग्रेन के विषय में बताया। मैक्स अस्पताल वैशाली के डॉ. विवेक बिंदल ने मोटेपन की सर्जरी की आधुनिक विधि बताई। इनके अलावा डॉ कपिल सिंघल, डॉ. प्रकाश, डॉ आशीष गुप्ता ने व्याख्यान दिया। इस मौके पर एक स्मारिका का विमोचन भी हुआ। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी शामिल थीं। कार्यक्रम सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चला।