सपा नेता आजम खां को अदालत ने अपने पक्ष में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए अंतिम मौका दिया है। आजम खां के खिलाफ कोर्ट के आदेशों की अवमानना का केस चल रहा है। अब इस मामले में 17 मार्च को सुनवाई होगी।
छजलैट थाने में 2 जनवरी 2008 को आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इस मामले में कई बार आजम खां को समन जारी होने के बाद भी वह अदालत में हाजिर नहीं हुए थे। जिस पर उनके खिलाफ थाना छजलैट में अदालत की अवमानना का मुकदमा वर्ष 2020 में दर्ज कर दिया गया था।
इस मुकदमें की सुनवाई एमपी एमएलए स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत में की जा रही है। आजम खां के वकील शाहनवाज सिब्तेन ने बताया कि सोमवार को अधिवक्ताओं की हड़ताल थी। इस कारण से सफाई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका। विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि एमपी एमएलए स्पेशल मजिस्ट्रेट स्मिता गोस्वामी ने आजम खां द्वारा सफाई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने पर उन्हें 17 मार्च तक का अंतिम मौका दिया गया है।