प्रदेश की जर्जर सड़कों में शुमार कुंदरकी-डींगरपुर रतनपुर कला-पाकबड़ा मार्ग को 60 करोड़ की वित्त समिति से मंजूरी मिलने के बाद धन नहीं मिल सका। इस मार्ग के निर्माण के लिए मंडलायुक्त ने भी प्रमुख सचिव को पत्र भेजा था और बताया कि यह मार्ग व्यवसायिक दृष्टिकोण से काफी अहम है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं सका।
कुंदरकी-डींगरपुर रतनपुर कला -पाकबड़ा मार्ग प्रदेश की आठ खराब सड़कों में शामिल है। इस रोड को बनाने के लिए क्षेत्र के लोगों ने कई बार आंदोलन किया। जनप्रतिनिधियों ने भी सड़क को स्टेट हाईवे बनाने के लिए पहल की। लोनिवि के अधिशासी अभियंता ने प्रस्ताव भेजा। वित्त समिति ने सड़क को बनाने के लिए मंजूरी दी थी। जनप्रतिनिधियों को भरोसा था कि यह मार्ग बन जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। लोकसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन लोनिवि मंंत्री जतिन प्रसाद ने कुंदरकी- डींगरपुर -पाकबड़ा मार्ग को बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन जर्जर होने के कारण आज भी इस रोड पर आम लोगों का चलना मुश्किल है। इस बारे में अधिशासी अभियंता सुनील सागर का कहना है कि मुख्यालय से पत्राचार किया गया है।
मंडलायुक्त ने दो साल पहले लिखा मुख्य सचिव को पत्र
आंजनेय कुमार सिंह ने कुंदरकी-डींगरपुर रतनपुर कला - पाकबड़ा मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव लोनिवि को 16 सितंबर 22 को पत्र भेजा था। बताया गया कि 16 किमी लंबे इस मार्ग के दोनों तरफ एसईजेड परिसर है। यहां कई फैक्टरियां लगी हैं। यहां से सामानों का निर्यात विदेशों में होता है। विदेशी प्रतिनिधिमंडल एसईजेड परिसर में आते रहते हैं। उत्तर प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा और दिल्ली आदि प्रदेशों के अनाज गोदामों में रखे जाते हैं। एफसीआई गोदाम और एसईजेड परिसर में भारी वाहनों और कंटेनरों का आवागमन रहता है। यह मार्ग दो राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 509 और एनएच 09 को जोड़ने के कारण व्यवसायिक दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण है। यह मार्ग कुंदरकी, हरियाणा, डींगरपुर के आबादी भाग में जलभराव होने के कारण लोगों की परेशानी का कारण बना हुआ था। इस मार्ग के नहीं बनने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।