छजलैट के गांव सराय खजूर में बिना मान्यता स्कूल चला मिला है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जांच पड़ताल की तो स्कूल संचालक ने बीएसए का फर्जी आदेश दिखाया। इस मामले में स्कूल प्रबंधक सुमन सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। स्कूल प्रबंधक पर जांच के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग को गुमराह करने का भी आरोप है।
गांव सराय खूजर निवासी माशा अल्लाह खान ने जन सुनवाई पोर्टल, संपूर्ण समाधान दिवस और अन्य माध्यमों से शिकायत की थी कि उनके गांव में संचालित बीएस जूनियर हाईस्कूल की मान्यता संबंधित दस्तावेज फर्जी हैं। महिला स्कूल प्रबंधक सुमन सिंह को नोटिस भेजा गया था, लेकिन स्कूल प्रबंधक ने इसका कोई जवाब नहीं दिया। बीएसए ने बीएस जूनियर हाईस्कूल की मान्यता का सत्यापन कराया गया तो सामने आया कि बीएस जूनियर हाईस्कूल गांव पचोकरा में है लेकिन स्कूल प्रबंधक द्वारा इसे गांव सराय खजूर में दर्शाया गया। इस पर जिला बेसिक अधिकारी ने एक जांच समिति का गठन किया। जांच समिति ने सभी पक्षों को 22 अगस्त 2023 को अपना-अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया था।
आरोप है कि स्कूल प्रबंधक द्वारा मान्यता के संबंध में कोई सटीक जानकारी जांच समिति को नहीं दी गई। उधर, शिकायतकर्ता माशा अल्लाह खान ने फर्जी मान्यता के आधार पर स्कूल को बंद करने की मांग की गई। इसके बाद बीएसए ने स्कूल प्रबंधक को आदेश दिया था कि बीएस जूनियर हाईस्कूल सराय खजूर का संचालन बंद कर विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को पास के स्कूल में समायोजित किया जाए। वहीं, स्कूल को बंद करने का प्रमाणपत्र तीन दिन में दिया जाए। नहीं तो फर्जी स्कूल चलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी, लेकिन इसके बाद भी स्कूल प्रबंधक ने बीएस जूनियर हाईस्कूल सराय खजूर का संचालन बंद नहीं किया गया। खंड शिक्षाधिकारी ने इस मामले में स्कूल प्रबंधक सुमन सिंह के खिलाफ बिना मान्यता फर्जी ढंग से स्कूल संचालित और जांच के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग को गुमराह के आरोप में छजलैट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।