संभल/मुरादाबाद। कोई तुम्हें तब तक नहीं हरा सकता, जब तक तुम खुद से न हार जाओ। अभिनेता सलमान खान की स्पोर्ट्स आधारित फिल्म सुल्तान का यह संवाद आज हैमर थ्रो खिलाड़ी सरिता सिंह की हिम्मत का आधार है। गुरुवार को कॉमनवेल्थ गेम्स में सरिता सिंह का सफर क्वालीफाई राउंड में ही खत्म हो गया। प्रैक्टिस के दिनों में 64 मीटर तक थ्रो करने वाली सरिता बर्मिंघम में क्वालीफाई राउंड में 57.48 मीटर तक ही थ्रो कर सकीं। हालांकि उनका पर उनका जीत का जज्बा अभी बरकरार है।
फाइनल के लिए बारह खिलाड़ी चयनित होने थे जबकि सरिता 13वें स्थान पर रहीं। इससे वह मायूस जरूर हुई हैं लेकिन हिम्मत नहीं हारी है। सरिता का कहना है कि आने वाले दिनों में नेशनल गेम्स और एशियन गेम्स आयोजित होने हैं। इनके लिए वह डटकर अभ्यास करेंगी। उनका कहना है कि लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक भारत के लिए विश्व चैंपियनशिप में पदक नहीं ले आतीं। उनके पति एथलीट रोमित सिंह, पिता प्रकाश सिंह और माता शकुंतला देवी न फोन पर उनसे बात कर हौसलाफजाई की।