पाकबड़ा स्थित मिशन अस्पताल के फर्जीवाड़े की जांच स्वास्थ्य विभाग ने पूरी कर ली है। अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है। मिशन अस्पताल के संचालक ने आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के फर्जी ऑपरेशन दिखाकर फर्जी बिल भुगतान के लिए क्लेम कर दिए थे।
प्रदेश स्तर पर आयुष्मान का जिम्मा संभाल रही संस्था सांची ने इसे भांप लिया था। इसके बाद सीएमओ को निर्देश दिए गए थे कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाए। सीएमओ ने पाया कि कई मरीज ऐसे थे, जिनका ऑपरेशन हुआ ही नहीं था। अस्पताल संचालन ने तकनीक का इस्तेमाल कर मरीजों के सर्जरी के दौरान के फर्जी फोटो तैयार किए। साक्ष्यों के तौर पर इन फोटो को लगाकर ऑपरेशन केे बिल भुगतान के लिए आयुष्मान कार्यालय भेज दिए। इतना ही नहीं अस्पताल में तैनात एनेस्थेटिक डॉक्टर को उन्होंने गाइनीकॉलोजिस्ट बताया। कागजों की जांच में सब स्पष्ट हो गया। सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि रिपोर्ट तैयार कर सांची को भेजने की कार्यवाही की जा रही है।
डॉ. बरुआ हेल्थ केयर की तरह मिशन अस्पताल के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई हो सकती है। साथ ही पुलिस में एफआईआर भी कराई जा सकती है। उन्होंने बताया कि मिशन अस्पताल की 300 से ज्यादा फाइलें थीं। प्रदेश स्तर से अस्पताल की आयुष्मान सेवाएं पहले ही निलंबित करा दी गई थीं। सीएमओ द्वारा गठित टीम ने कई फाइलों में दिए विवरण का सत्यापन किया। इसके बाद फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जब सीएमओ की टीम अस्पताल में पहली बार जांच के लिए पहुंची थी तो अस्पताल संचालक ने आयुष्मान की लॉग इन आईडी व पासवर्ड भी नहीं दिया था।