फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad News: ग्राम पंचायतों के विकास कार्य में जांच में मिली गड़बड़ी, नोटिस

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद।
विज्ञापन

ग्राम पंचायत खतापुर और लालटीकर में कराए गए विकास कार्यों में गड़बडी की शिकायत पर डीएम द्वारा कराई गई जांच में प्रथम दृष्ट्या अनियमितता मिली है। जिसके आधार पर संबंधित प्रधानों को नोटिस जारी करते हुए वसूली व वित्तीय अधिकारी सीज करने की चेतावनी का नोटिस जारी किया गया है।
मूंढापांडे विकास खंड की ग्राम पंचायत लालाटीकर निवासी सुशील आदि ने प्रधान व पंचायत सचिव पर विकास कार्यों में भारी अनियमितता बरतने की शिकायत डीएम से की थी। डीएम की आदेश पर जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी के नेतृत्व में गठित कमेटी ने जांच की तो उसमें कई अनियमितताएं मिली। जांच में पूर्व माध्यमिक विद्यालय की फ्लोर टाईल्स निर्माण पर 133052 रुपये का भुगतान किया गया पाया गया। लेकिन इसकी वित्तीय स्वीकृति, कार्य आदेश व निविदा आदि नहीं था। मनरेगा के कार्यों के 15 लेबर से कराए गए कार्य में सबसे अधिक भुगतान दो व्यक्तियों को किया गया ही पाया गया। 331377 रुपये का भुगतान मस्टरोल में अंकित नामों के सापेक्ष दो से तीन व्यक्तियों को ही किया गया मिला। इसे वित्तीय अनियमितता मानते हुए डीएम ने प्रधान को नोटिस जारी करते हुए उनका जवाब तलब किया है। संतोषजनक जवाब प्राप्त न होने पर प्रधान का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज करने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डीपीआरओ वाचस्पति झा ने बताया कि विकास खंड छजलैट की ग्राम खतापुर की महिला ग्राम प्रधान द्वारा विकास कार्यों अनियमितता बरतने की ग्रामीणों की आईजीआरएस पर शिकायत की थी। इसके आधार पर कराई गई जांच में प्राथमिक स्कूल में 1.14 लाख रुपये टाइल्स कार्य के बिल का भुगतान सैनी टाइल्स आदि फर्म को किया गया दर्शाया गया है। जबकि मौके पर यह कार्य हुआ नहीं पाया गया। जारी नोटिस में प्रधान पर जांच के दौरान पत्रावली उपलब्ध न कराने का भी आरोप है। इसी तरह कई अन्य कार्य भी मौके पर नहीं पाए गए। डीपीआरओ ने बताया कि संबंधित प्रधानों को वसूली व उनके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी का नोटिस जारी करते हुए प्रधानों से उनका जवाब तलब किया गया है। जवाब यदि संतोषजन नहीं मिलता है तो संबंधित के खिलाफ वसूली व वित्तीय अधिकार सीज की कार्रवाई भी की जाएगी। संबंधित पंचायत सचिवों का भी जवाब तलब किया गया है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें