मुरादाबाद। सिविल लाइंस पुलिस ने नशे के लिए इस्तेमाल होने वाले 18 लाख रुपये की कीमत के इंजेक्शन बरामद किए हैं। ये इंजेक्शन मेरठ से रोडवेज की बस के जरिये मुरादाबाद तक लाए गए थे। पुलिस ने तीन तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज कर लिया गया है। इस गिरोह में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) भी शामिल है जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है।
एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने शनिवार दोपहर पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता की। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से पुलिस को सूचनाएं मिल रही थी कि कुछ लोग नशे के लिए इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन की तस्करी कर रहे हैं। मेरठ से इंजेक्शन की खेप लेकर आते हैं और यहां मेडिकल स्टोरों पर सप्लाई करते हैं। सिविल लाइंस थाने की पुलिस, एसओजी और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम आरोपियों की तलाश में जुट गई थी। शुक्रवार रात तस्कर लोकोशेड पुल और कंटेनर डिपो के पास रोडवेज की बस से गत्ते उतार रहे थे। इसी दौरान टीम ने घेराबंदी कर तीन लोगों को पकड़ लिया और गत्ते भी कब्जे में ले लिए। पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपने नाम सरफराज निवासी तेवर खास थाना बिलारी, नितेश मैसी निवासी चंद्रनगर आजादनगर थाना सिविल लाइंस और वसीम निवासी दौलतबाग थाना नागफनी बताया। सीओ आशुतोष तिवारी ने बताया कि आरोपियों से बरामद इंजेक्शनों की कीमत करीब 18 लाख रुपये है। आरोपी से तीन मोबाइल, एक पैन कार्ड, चार एटीएम कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस और 2580 रुपये और स्कूटर की है। थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार दोपहर बाद तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। औषधि निरीक्षक मुकेश चंद्र जैन का कहना है कि बरामद इंजेक्शन मानसिक रोग, ऑपरेशन, दर्द निवारक के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं।