मुरादाबाद। बिलारी प्रकरण में एडीएम प्रशासन की जांच रिपोर्ट को जिलाधिकारी ने शासन को भेज दी है। अब एडीएम प्रशासन मंडलायुक्त को अपनी जांच रिपोर्ट सोमवार को सौंपेंगे। रिपोर्ट में निलंबित एसडीएम के साथ डिप्टी जेलर हरदोई सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम शामिल हैं।
बिलारी स्टेशन रोड स्योडारा हाउस निवासी फर्नीचर कारोबारी जाहिद ने बिलारी के तत्कालीन एसडीएम घनश्याम वर्मा के खिलाफ मंडलायुक्त से भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि एसडीएम ने उससे दो जुलाई को 2.68 लाख रुपये के फर्नीचर लिए थे। फर्नीचर के पैसे मांगने पर 12 जुलाई को उनकी घर की चहारदीवारी पर एसडीएम ने बुलडोजर चलवा दिया था। शिकायत के आधार पर मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने इस मामले में जांच की जिम्मेदारी एडीएम (प्रशासन) सुरेंद्र सिंह को दी थी। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई थी कि एसडीएम ने बगैर बेदखली की प्रक्रिया पूरी किए तालाब पर कब्जे का दावा करते हुए व्यवसायी की चहारदीवारी को बुलडोजर से ढहा दिया था। शासन ने इसी रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम घनश्याम वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
इस मामले की विभागीय जांच मंडलायुक्त बरेली कर रही हैं। इस मामले में एडीएम प्रशासन सुरेंद्र सिंह ने जांच की। जांच में आया कि फर्नीचर डिप्टी जेलर हरदोई को भेजा गया था। पैसा मांगने पर एसडीएम अपने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर मकान पर बुलडोजर चलाने गए थे। इधर एसडीएम ने फर्नीचर बिल को फर्जी ठहराया था और अपनी कार्रवाई को सही ठहराया था। जांच पूरी होने पर एडीएम ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह को भेज दी। जिलाधिकारी ने जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है। एडीएम प्रशासन ने बताया कि सोमवार को वह रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंपेंगे। वर्तमान समय में निलंबित एसडीएम लखनऊ स्थित राजस्व विभाग में संबद्ध हैं।