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बेटे ने तुतलाते हुए बताया कैसे हुई पिता की मौत: पापा को बुखार था, ट्रेन से उतरे और गिर पड़े... फिर वो नहीं उठे

Fri, 19 May 2023 08:56 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर बच्चों के पिता मृत पाए गए थे। उसके शव के पास दो अबोध बच्चे खड़े थे और एक टक अपने पिता की लाश की ओर देखे जा रहे थे।
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मृतक सोनू के दोनों मासूम बच्चे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पापा की तबीयत खराब थी, उन्हें बुखार हो रहा था। हम दवाई लेने दिल्ली जा रहे थे, मुरादाबाद स्टेशन पर पापा रेलगाड़ी से उतरे और गिर गए। तोतली भाषा में लगभग इस तरह सोनू (45) के चार वर्षीय बेटे चेतन ने अपनी दुनिया उजड़ने का वाकया बयां किया।

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सोनू(45) जोकि बुधवार को मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर मृत पाया गया था। उसके शव के पास दो अबोध बच्चे खड़े थे और एक टक अपने पिता की लाश की ओर देखे जा रहे थे। रेलवे चाइल्डलाइन के काउंसलरों ने बच्चों को काफी प्यार दुलार किया लेकिन वे एक शब्द नहीं बोले। एक की उम्र लगभग तीन वर्ष, जबकि दूसरा बेटा चार वर्ष का है। दोनों को मेडिकल कराने व बाल कल्याण समिति के सामने पेश करने के बाद आश्रय गृह में रखा गया है।

गुरुवार को सोनू के बड़े बेटे ने काउंसलरों से बात की। उसने तुतलाते हुए अपना नाम चेतन बताया, जबकि छोटे भाई का नाम अन्नी (3) बताया। बच्चे ने कहा कि वे अलीगढ़ के रहने वाले हैं। हालांकि बच्चा छोटा होने के कारण पूरा पता नहीं बता सका। उसने कहा कि दोनों भाई अपने पिता के साथ दवा लेने ट्रेन से दिल्ली जा रहे थे।

मुरादाबाद स्टेशन पर उतरे कुछ दूर चलकर वह (सोनू) गिर पड़े। बच्चा उदास होकर बोला कि इसके बाद पापा नहीं उठे। दोनों मासूम बाल आश्रय गृह में अन्य 22 बच्चों के साथ रह रहे हैं। उन्हें अंदाजा नहीं है कि क्या खो गया है। आश्रय गृह संचालित करने वाली संस्था शोभना ग्रामोद्योग के काउंसलर विजय ने बताया कि दोनों बच्चे खाना कम खा रहे हैं, यह भी नहीं कह पा रहे कि हमें घर जाना है।
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टीबी के गंभीर संक्रमण से हुई सोनू की मौत
प्लेटफार्म पर मृत मिले सोनू की पोस्टमार्टम रिपोर्ट बृहस्पतिवार को आ गई है। इसमें फेफड़ों के गंभीर संक्रमण व टीबी से मौत की पुष्टि हुई है। जीआरपी इंस्पेक्टर सुधीर कुमार ने बताया कि मृतक के पास जो दवा का कागज मिला था। उस पर भी सरकारी अस्पताल अलीगढ़ का पता था। जबकि उसकी जेब से जो आधार कार्ड मिला था, उस पर अजमेरी गेट नई दिल्ली का पता लिखा है। बच्चों ने बताया कि उनके पिता (ईंट, रेत उठाकर देते थे) मजदूरी करते थे। इस आधार पर जीआरपी व चाइल्डलाइन की टीम को अलीगढ़ भेजा गया है। वहां से अब तक मृतक के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
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