मैनाठेर निवासी मोहम्मद जुबैर ने बताया कि उसकी बेटी अरसुमा (8) घर के पास ही रहने वाले यूनुस की पत्नी नाजरीन के पास कुरान पढ़ने जाती थी। 24 मार्च की सुबह सात बजे अरसुमा कुरान पढ़ने के लिए यूनुस के घर गई थी। यूनुस के घर की छत के पास से 11 हजार की बिजली लाइन गुजर रही है। आरोप है कि यूनुस और उसकी पत्नी नाजरीन ने 24 मार्च को उसकी बेटी को छत पर रखे वाटर टैंक में पानी भरा है या नहीं इसको देखने के लिए भेजा था। जब उसकी बेटी अरसुमा छत पर पहुंची तो वह हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से झुलस गई थी। करंट की चपेट में आकर झुलसी अरसुमा को मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन उसकी सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद अरसुमा को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान बच्ची के शरीर में इंफेक्शन फैलने लगा। तब डॉक्टरों ने बच्ची की जान बचाने के लिए उसके दोनों हाथ काट दिए। इसके बावजूद भी बच्ची की हालत में कोई सुधार नहीं है। मैनाठेर कोतवाल सर्वेंद्र कुमार ने बताया कि जुबैर की तहरीर पर यूनुस और उसकी पत्नी नाजरीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।