फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad News: जोन में लक्ष्य से कम जमा हुए इनकम टैक्स

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। आयकर विभाग में पिछले साल की तुलना में काफी कम टैक्स जमा हुए हैं। आयकर के अधिकारी टैक्स जमा करने के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं लेकिन सफलता नहीं मिल रही है। टैक्स की कमी का कारण लोकसभा चुनाव और रमजान भी बताया जा रहा है। इसी वजह से कारोबारियों के पास फंड की कमी हो गई है।
विज्ञापन




आयकर विभाग ने मुरादाबाद जोन के लिए करीब 800 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया था। 20 मार्च तक मुरादाबाद जिले के लोगों ने 340 करोड़ रुपये टैक्स जमा कर दिया था लेकिन संभल, रामपुर, बदायूं, चंदौसी, अमरोहा और बिजनौर जिले के कारोबारियों ने एडवांस टैक्स जमा नहीं किया। कारोबारियों का कहना कि उन्होंने अन्य कागजातों की खानापूर्ति कर दी। इसी कारण इस साल करीब साढ़े तीन सौ करोड़ टैक्स जमा हुआ है। इसको लेकर विभाग के अधिकारी परेशान हैं। पिछले साल 471 करोड़ रुपये से अधिक टैक्स जमा किए गए थे। संभावना है कि 31 मार्च तक और टैक्स जमा हो सकते हैं। इस मामले में जोन की संयुक्त आयुक्त नीलम शर्मा आयकर जमा करने के लिए लोगों को जागरूक कर रही हैं।

रिटर्न फाइल करने में रिकार्ड तोड़ा
रिटर्न फाइल करने में मुरादाबाद जोन ने पिछले साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। पिछले साल तीन लाख 99 हजार 707 लोगों ने रिटर्न फाइल किया था लेकिन वर्तमान वर्ष में चार लाख 45 हजार 289 लोगों ने रिटर्न फाइल कर दिया है। इनमें सैलरी वाले एक लाख 60 हजार और आईटीआर-3 के तहत 71 हजार 224 लोगों ने रिटर्न फाइल किया है। पिछले साल की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक रिटर्न फाइल हुए हैं।
विज्ञापन




व्यवसायियों के पास फंड की कमी


जोन के वरिष्ठ आयकर अधिवक्ता अरविंद सिंघल ने बताया कि वर्तमान समय में रमजान और चुनाव एक साथ हो गए हैं। इस कारण खर्च भी बढ़ गए हैं। एमएसएमई के कारोबारियों के पास फंड की कमी हो गई है। इस कारण उन्होंने टैक्स जमा नहीं किया है। व्यवसायियों ने अपने कागजात पूरे कर लिए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि आईटीआर-3 फार्म भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2024 है। यदि टैक्सपेयर को आयकर ऑडिट कराना है तो उनको आईटीआई भरने की आखिरी तिथि 31 अक्तूबर निर्धारित की गई है। इसी प्रकार की राय आयकर एवं जीएसटी अधिवक्ता गौरव गुप्ता ने व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने आयकर की सीमा सात लाख तक निर्धारित कर दी है। इस कारण लोगों ने रिटर्न फाइल किया है लेकिन आयकर नहीं किया है। इसी कारण टैक्स कम जमा हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें