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Azam Khan: तीन माह 16 दिन में आजम खां को दूसरे मामले में सजा, पहले तीन साल और आज दो साल की कैद की सजा

Mon, 13 Feb 2023 11:08 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद

सार

रामपुर की अदालत में 27 अक्तूबर 2022 को आज खां को भड़काऊ भाषण देने के मामले में दोषी करार दिया था। जिसमें अदालत ने आजम खां को तीन साल की कैद और छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।
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पूर्व मंत्री आजम खां - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्व मंत्री एवं सपा नेता आजम खां को तीन माह 16 दिन के अंतराल में दूसरे मामले में सजा सुनाई गई है। इससे पहले आजम खां को रामपुर की अदालत ने तीन साल की कैद और छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।

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रामपुर की अदालत में 27 अक्तूबर 2022 को आज खां को भड़काऊ भाषण देने के मामले में दोषी करार दिया था। जिसमें अदालत ने आजम खां को तीन साल की कैद और छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। इस मामले में आजम खां को जमानत मिल गई थी। अब मुरादाबाद की अदालत ने आजम को 15 साल पुराने मामले में दो साल की सजा सुनाई है। इस मामले में आजम के साथ उनके बेटे को भी सजा सुनाई गई है।

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आजम खां और अब्दुल्ला आजम को दो-दो साल, सात आरोपी बरी
पंद्रह साल पुराने मामले में सपा नेता आजम खां और उनके बेटे सपा विधायक अब्दुल्ला आजम को अदालत ने दोषी करार दिया गया है। अदालत ने पिता पुत्र को दो-दो साल की सजा सुनाई है। दोनों पर तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इस मामले में अन्य सात आरोपी साक्ष्यों के अभाव में दोष मुक्त कर दिए गए।

दो जनवरी 2008 पूर्व मंत्री और रामपुर के पूर्व विधायक आजम खां अपने परिवार के साथ मुजफ्फरनगर में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। छजलैट थाने के सामने वाहन चेकिंग के दौरान आजम खां की गाड़ी पुलिस ने रुकवा ली थी। इसके विरोध में आजम खां और उनके बेटे स्वार-टांडा विधानसभा सीट से विधायक अब्दुल्ला आजम सड़क पर धरने पर बैठ गए थे। इसकी सूचना मिलने पर आसपास के जनपदों से सपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए थे। आरोप है कि आम जनता को उकसा कर सड़क जाम करते हुए बवाल किया था और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की थी। 

इस मामले में रामपुर के पूर्व विधायक आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म, मुरादाबाद देहात विधान सभा क्षेत्र से पूर्व विधायक हाजी इकराम कुरैशी, बिजनौर की नूरपुर विधानसभा सीट के पूर्व विधायक नईम ऊल हसन, नगीना से सपा विधायक मनोज पारस, अमरोहा के सपा विधायक महबूब अली, राजेश यादव, डीपी यादव, पूर्व महानगर अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति को आरोपी बनाया गया था। जिसकी सुनवाई वर्ष 2019 से मुरादाबाद की एमपी एमएलए मजिस्ट्रेट स्मृति गोस्वामी की कोर्ट में की जा रही थी। 

विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि अदालत पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर आजम खां और अब्दुल्ला आजम को दोषी करार दिया है। आजम खां और अब्दुल्ला आजम को दो-दो साल की सजा सुनाई है। जबकि तीन तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

जबकि मुरादाबाद देहात विधान सभा क्षेत्र से पूर्व विधायक हाजी इकराम कुरैशी, बिजनौर की नूरपुर विधानसभा सीट के पूर्व विधायक नईम ऊल हसन, नगीना से सपा विधायक मनोज पारस, अमरोहा के सपा विधायक महबूब अली, राजेश यादव, डी पी यादव,पूर्व महानगर अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
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इन धाराओं में सुनाई गई सजा
आईपीसी की धारा 353 में दो साल का कारावास एवं दो हजार रुपये जुर्माना
आईपीसी की धारा 341 में एक माह का कारावास पांच सौ रुपये जुर्माना

आजम खां और अब्दुल्ला आजम को तुरंत मिली जमानत
मुरादाबाद। पंद्रह साल पुराने मुकदमे में दो-दो साल की सजा तीन-तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई जाने के बाद उनके वकील शहनावाज सिब्तेन द्वारा अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। जिन्होंने बताया कि सजा दो साल से कम थी। इस कारण से कानून प्रावधानों के अनुसार पिता पुत्र को अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया। जो सजा दोनों पिता पुत्र ने सीतापुर जेल में काटी थी उसे भी इसी मुकदमे में सम्मिलित कर लिया गया। क्योंकि सीतापुर जेल में बिताई गई उस अवधि में भी य़ह मुकदमा अदालत में विचाराधीन था।
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