पीड़ित अमित भारद्वाज ने सिविल लाइंस थाने में बिजनौर के आवास विकास निवासी शैलेंद्र सिंह और उसके साथी विजय सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया है। जिसमें अमित ने बताया कि आरोपी शैलेंद्र पुलिस विभाग में सिपाही है। वह सिविल लाइंस थाने में तैनात रहा है। तब तब आरोपी से अमित की मुलाकात हुई थी। अमित रोजगार की तलाश कर रहा था। तब शैलेंद्र ने उससे कहा कि वह सरकारी विभागों में कई लड़के और लड़कियों की नौकरी लगवा चुका है। शैलेंद्र ने अमित से भी कहा कि वह मलेरिया विभाग में उसकी नौकरी लगवा देगा। इसके लिए एक लाख रुपये खर्च होंगे। एक दिन शैलेंद्र और उसका साथी विजय सिंह उसे लखनऊ ले गए और वहां उसे मुरादाबाद मलेरिया विभाग का नियुक्ति पत्र दिला दिया।
नियुक्ति पत्र मुरादाबाद में पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग में चेक कराया तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत आरोपियों से की तो वह रकम वापस करने के लिए तैयार हो गए। बीस हजार आरोपियों ने वापस भी कर दिए लेकिन 80 हजार रुपये वापस नहीं किए। पीड़ित ने अपनी रकम मांगी तो आरोपी उसे धमकाने लगे। सिविल लाइंस थाना प्रभारी आरपी शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।