कल्लन मूलरूप से भगतपुर के चांदपुर गांव निवासी थे। उनके बेटे जाकिर की नन्हूवाला में ससुराल है। मोहम्मद उमर ससुराल में ही पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे। उसके पिता कल्लन भी यहीं रहते थे।
कल्लन हमेशा की तरह मंगलवार रात भी पशुशाला में सोए थे। बुधवार सुबह पांच बजे सांड पशुशाला में घुस गया और चारपाई पर सो रहे कल्लन को सींगों पर उठाकर जमीन पर पटक दिया। जिससे कल्लन की मौत हो गई।
इसी दौरान बेटा मोहम्मद उमर घर से आ गया। उसने देखा कि सांड पशुशाला में घुसा हुआ है। उसके शोर मचाने पर अन्य लोग भी आ गए। लोग लाठी डंडे लेकर मौके पर दौड़े। इसी दौरान सांड जंगल की ओर चला गया।