मुरादाबाद। एमएसएमई की 45 दिनों में भुगतान के नियम का मामला काफी गरमा गया है। निर्यातकों ने इस मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष अपनी मांग रखी थी लेकिन कोई समुचित उत्तर अभी तक नहीं आया है। निर्यातकों का कहना है कि यदि उनकी मांग मानी नहीं गई तो वे फैक्टरियों को बंद कर सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य होंगे।
मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (एमएचईए) और यश की तरफ से निर्यातकों की एक बैठक दिल्ली रोड स्थित एक होटल में हुई। बैठक के दौरान निर्यातकों ने एमएसएमई के 45 दिन में भुगतान का मुद्दा उठाया। इस बारे में एमएचईए के महासचिव अवधेश अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने इस मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष नई दिल्ली स्थित कार्यालय में मांग रखी थी। बताया गया कि इस मामले में भुगतान के लिए निर्यातकों को कम से कम 180 दिन का समय चाहिए। क्योंकि माल को तैयार करने में 90 दिन लग जाते हैं। इसके बाद माल का भुगतान मिलने पर ही सप्लायर्स को पैसा देने की स्थिति बनती है।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने इस मामले में विचार करने का आश्वासन दिया था। अवधेश अग्रवाल के साथ नीरज खन्ना ने कहा यदि ऐसा नहीं हुआ तो देश के सभी निर्यातक एक साथ फैक्ट्री बंद कर इस क़ानून के विरोध में सड़को पर उतरने को मजबूर होंगे। बैठक में नजमुल इस्लाम, नावेदुर्रहमान, परवेज, विशाल अग्रवाल, सलमान, सौरभ जैन, नबील अहमद, हरविंदर सिंह, नदीम खान, हुस्नेन अख्तर, सुरेश, गुप्ता, राकेश खन्ना, विनय गुलाटी, मो शारिक, कुशल आदि निर्यातक मौजूद रहे।