अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी आरोपियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा
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मुरादाबाद एक अदालत ने दहेज हत्या के मामले में पति को दोषी करार देते हुए दस साल कारावास की सजा सुनाई है। जबकि 42 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही सास ससुर के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं होने पर उन्हें मुकदमे से बरी कर दिया है।
उत्तराखंड के नैनीताल जनपद विजयपुर निवासी सरोज पत्नी सूरज सिंह ने भगतपुर थाने में 15 नवंबर 2021 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया कि उसने अपनी बेटी शीतल की शादी भगतपुर थाना क्षेत्र के गांव निवाड़खास निवासी कपिल पुत्र हरिराज के साथ 2 फरवरी 2020 की थी।
शादी में दिए गए दहेज से शीतल का पति कपिल, सास ओमवती, ससुर हरिराज, जेठ कृष्ण पाल और सीटू, ननद गुड़िया, जेठानी पिंकी खुश नहीं थे। वह आए शीतल को ताने देते थे और उसके साथ मारपीट करते थे। जिसकी शिकायत शीतल ने कई बार मायके में की थी। कपिल को समझाने का प्रयास किया था लेकिन सुसराल वाले नहीं माने।
उनकी मांग थी कि दहेज में बाइक और फ्रिज चाहिए। 15 नवंबर की दोपहर पति और उसके घर वालों ने मिलकर शीतल की गला दबाकर हत्या कर दी और लाश फंदे से लटका दी थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी पति, सास और ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
तीनों के खिलाफ ही आरोप पत्र अदालत में पेश किया। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी एसटी कोर्ट संदीप गुप्ता की अदालत में की गई।सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेश सिंह ने बताया कि इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों ने अदालत में पेश हो कर बयान दर्ज कराए।
जिन्होंने घटना की जानकारी अदालत को दी। न्यायाधीश संदीप गुप्ता ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी पति को हत्या का दोषी पाया और उसे दस साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर 42 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही सास ओमवती और ससुर हरिराज के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं होने पर उन्हें मुकदमे से बरी कर दिया।