बिलारी क्षेत्र के एक गांव निवासी 17 वर्षीय किशोरी ने शनिवार दोपहर दुपट्टे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। किशोरी के परिजनों का कहना है कि शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे नेजा मेले में जाते समय अपहरण के आरोपी ने किशोरी के साथ मारपीट की थी। परिजनों ने पुलिस पर भी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।
वहीं सीओ का कहना है कि पुलिस को मारपीट को लेकर कोई सूचना नहीं दी गई थी। परिजनों ने बताया कि शनिवार सुबह घर के सभी लोग गेहूं काटने गए थे। घर पर किशोरी और उसकी भाभी थी। दोपहर के समय जब परिजन घर पहुंचे और कमरे में अंदर देखा तो किशोरी छत में बने कुंडे से दुपट्टे का फंदा बनाकर लटकी थी।
परिजनों ने किशोरी को नीचे उतरा और उसे डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उधर किशोरी के भाई के अनुसार, 27 अप्रैल 2022 को उसकी बहन को एक युवक बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गया था। घटना को लेकर 29 अप्रैल 2022 को पुलिस ने अपहरण के मामले में रिपोर्ट दर्ज की थी। वहीं जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जबकि किशोरी के मुरादाबाद कोर्ट में बयान दर्ज कर उसे नारी निकेतन भेज दिया गया था। भाई के अनुसार नारी निकेतन में बीमार हो जाने पर करीब पांच महीने पहले ही उसकी बहन घर आई थी। वहीं आरोपी युवक भी करीब चार माह पहले जमानत पर छूट गया था।
आरोप है कि शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे किशोरी और उसके परिजन थांवला गांव का ऐतिहासिक नेजा मेला देखने पैदल ही जा रहे थे। इब्राहीमपुर टोल प्लाजा से थोड़ा आगे दो बाइक सवार युवक आए और उन्हें रोक लिया। किशोरी के भाई का आरोप है कि आरोपी और उसके साथी ने उसकी बहन के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की।
उन्होंने मामले की सूचना सहसपुर चौकी पुलिस को भी दी, लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का आरोप है कि आरोपी युवक की पिटाई से आहत किशोरी ने शनिवार दोपहर को दुपट्टे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।
हालांकि चौकी के दरोगा जयवीर सिंह ने किशोरी के परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। उनके अनुसार शुक्रवार को पुलिस चौकी में घटना से संबंधी कोई तहरीर नहीं दी गई थी। शनिवार को घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस गांव में पहुंची और जांच की।