मुरादाबाद के पूर्व ब्लाक प्रमुख ललित कौशिक
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जिला प्रशासन ने हिस्ट्रीशीटर गैंगस्टर ललित कौशिक और उसके करीबियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की। पुलिस ने वीरवार को 2.14 करोड़ कीमत की सपत्ति जब्त की है। इसमें एक मकान, एक प्लाॅट और एक कार शामिल है। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि सिविल लाइंस थाने में एक जून 2023 को दीनदयाल नगर निवासी हिस्ट्रीशीटर ललित कौशिक समेत तीन आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।
ललित कौशिक वर्तमान में स्पोर्ट्स व्यापारी कुशांक गुप्ता, सीए श्वेताभ तिवारी और भाजपा नेता अनुज चौधरी हत्याकांड समेत अन्य मामलों में बलरामपुर जेल में बंद हैं। गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज करने के बाद विवेचक की ओर से आरोपी की अपराध से अर्जित की गई संपत्तियों का आंकलन अन्य विभागों की मदद से कराया।
जांच से पता चला कि आरोपी ललित कौशिक ने अपराध से अर्जित किए गए धन से अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की थी। बैंकों में धन भी जमा कराया था। गैंगस्टर की कुल संपत्ति की कीमत 11.03 लाख रुपये आंकी गई। इसमें से 23 नवंबर को 6.41 करोड़ और 25 नवंबर को 95.25 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क की गई थी।
बृहस्पतिवार को पुलिस-प्रशासन की टीम ने ललित कौशिक के पार्टनर कमलवीर की पत्नी खुश्बू सिरोही के नाम से खरीदे गए 268 वर्ग मीटकर के प्लॉट और प्रकाश एनक्लेव कांठ रोड में 267.50 वर्ग मीटर में बने दो मंजिला मकान को कुर्क किया। इसके अलावा कमलवीर के नाम से खरीदी गई आई-10 कार को भी जब्त की गई। सीओ ने बताया कि वृहस्पतिवार को कुल 2 करोड़ 14 लाख 62 हजार 929 रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है
ललित कौशिक के जेल से न आने के कारण टली सुनवाई
नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में ललित कौशिक के जेल से हाजिर न होने के कारण मुकदमे में सुनवाई टल गई। अदालत ने अब इस मामले में पांच दिसंबर की तिथि निर्धारित की है। हिस्ट्रीशीटर ललित कौशिक को एक दिन पहले ही बुधवार को बलरामपुर जेल से मुरादाबाद जनपद न्यायाधीश की अदालत में पेश किया गया था।
इसके बाद उसे फिर बलरामपुर जेल भेज दिया गया। विशेष लोक अभियोजक अभिषेक भटनागर और भूकन सिंह ने बताया कि वृहस्पतिवार को विशेष पाॅक्सो कोर्ट संख्या दो शैलेंद्र वर्मा की अदालत में सुनवाई निर्धारित थी। अदालत ने पूर्व में ही ललित कौशिक का तलबी आदेश बलरामपुर जेल भेज दिया था लेकिन बलरामपुर जेल अधीक्षक द्वारा अदालत में ऑनलाइन पत्र भेजा गया।
एक दिन पहले ही देर रात करीब एक बजे ललित कौशिक को जेल में एंट्री मिली है। इस कारण फिर उसे मुरादाबाद भेजना संभव नहीं था। ऐसी दशा में अदालत ने सुनवाई के लिए पांच दिसंबर की तिथि निर्धारित की है। साथ ही अदालत ने मुकदमे के मुख्य गवाह को फिर तलब किया है।