टांडा। नगर के मोहल्ला मरघटी में झोलछाप के इलाज से जच्चा-बच्चा की मौत होने और परिजनों के हंगामा करने के बाद स्वास्थ्य विभाग जाग गया। एसीएमओ ने नगर में पहुंच कर आरोपी झोलाछाप के क्लिनिक को सील कर दिया। वही एसीएमओ के टांडा पहुंचने की सूचना पर नगर में बड़ी संख्या में चल रहे झोलाछाप डॉक्टर अपने हॉस्पिटल बंद कर भाग खड़े हुए।
नगर में लगातार बढ़ रहे झोलाछाप डॉक्टर के हॉस्पिटल को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह निष्क्रिय बना हुआ है। सोमवार को भी नगर के मोहल्ला काजीपुरा निवासी अख्तर की गर्भवती बीवी शब्बो तथा उसके नवजात शिशु की मृत्यु झोलाछाप डॉक्टर के यहां प्रसव के दौरान हो गई थी। महिला और नवजात शिशु की मौत से गुस्साए परिजनों ने झोलाछाप के अस्पताल पर हंगामा किया और पुलिस से आरोपी झोलाछाप डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। दो लोगों की मौत हो जाने के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार की एसीएमओ डॉ आरके वर्मा के नेतृत्व में मोहल्ला मरघटी स्थित झोलाछाप डॉक्टर का हॉस्पिटल सील कर दिया। उधर एसीएमओ के टांडा आने की जानकारी मिलते ही नगर में मौजूद सभी झोलाछाप डॉक्टर, पैथालॉजी, अल्ट्रासाउंड और एक्सरे करने वाले अपनी अपनी दुकान बंद कर भाग खड़े हुए।