पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक के खिलाफ दर्ज मामलों में शुक्रवार को वकीलों की हड़ताल के कारण सुनवाई नहीं हो पाई। अदालत ने सुनवाई के लिए 29 नवंबर की तारीख नियत की है।
मूंढापांडे निवासी ईंट भट्ठा मजदूर ओम प्रकाश ने 25 मार्च को मूंढापांडे थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा कि पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक, सतीश सिंह और प्रधान पति शिवकुमार ने उसे बंधक बना लिया था। उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। दूसरा मुकदमा थाना सिविल लाइंस में अशोक कुमार गुप्ता ने 12 जनवरी को दर्ज कराया गया था। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि ललित कौशिक ने अपने सहयोगियों की मदद से उनके बेटे कुशांक गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी थी जबकि तीसरा मुकदमा सिविल लाइंस थाने में तैनात दरोगा देवेंद्र कुमार द्वारा दर्ज किया गया था। जिसमें उन्होंने मुकदमे की छानबीन के दौरान ललित कौशिक के घर से अवैध मैगजीन और लाखों रुपये बरामद किए थे। शुक्रवार को तीनों मुकदमों की सुनवाई होनी थी लेकिन अधिवक्ता के निधन के कारण दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी द्वारा शोक सभा करने के बाद न्यायिक कार्य स्थगित कर दिया गया। जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन गुप्ता एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल ने बताया कि तीनों मुकदमों की सुनवाई अब 29 नवंबर को होगी।