मुरादाबाद। फिल्म अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा के खिलाफ के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी और गबन के मामले में शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो पाई। अब इस मामले में पांच सितंबर को सुनवाई होगी। वहीं दूसरी ओर हाईकोर्ट में भी सोनाक्षी सिन्हा के खिलाफ जारी वारंट पर सुनवाई भी होनी शेष है।
कटघर थानाक्षेत्र के शिवपुरी कॉलोनी निवासी इवेंट मैनेजर प्रमोद शर्मा ने 22 फरवरी 2019 को कटघर थाने में अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा समेत पांच के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का केस दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया कि 30 सितंबर 2018 को दिल्ली में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में बुलाने के लिए सोनाक्षी सिन्हा से अनुबंध हुआ था। जिसके लिए सोनाक्षी सिन्हा और उनकी कंपनी के खातों में 29 लाख 90 हजार और उनके सलाहकार अभिषेक सिन्हा के खाते में सात लाख पचास हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे। आरोप है कि रकम लेने के बाद सोनाक्षी सिन्हा व उनके सलाहकार ने आने के लिए मना कर दिया था। जबकि इन्होंने अपनी पूरी फीस प्रमोद शर्मा से ले ली थी।
इस मुकदमे की सुनवाई अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट स्मिता गोस्वामी की अदालत में की जा रही है। मुकदमे में हाजिर न होने के कारण सोनाक्षी सिन्हा के साथ अन्य आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी हो चुके हैं। सोनाक्षी सिन्हा के अधिवक्ता अनुराग भटनागर (लवी) ने बताया कि मजिस्ट्रेट कोर्ट की कार्यवाही के बाद सोनाक्षी सिन्हा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्टे के लिए याचिका दायर की थी। जिसे स्वीकार कर लिया गया था। उच्च न्यायालय द्वारा जारी वारंट पर सुनवाई होनी है। शुक्रवार को इस मुकदमे की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्मिता गोस्वामी की अदालत में की जानी थी, लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण सुनवाई टल गई। अब इस मामले में पांच सितंबर को सुनवाई होगी।