छजलैट प्रकरण में दो साल की सजा पाए अब्दुल्ला आजम की अपील पर बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी। उनके अध्विक्ता की ओर से अदालत में स्थगन प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। अब इस मामले में 27 मार्च सुनवाई होगी।
पंद्रह साल पुराने छजलैट प्रकरण में 13 फरवरी को आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत ने दो-दो साल की कैद और तीन तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। जिसके बाद दोनों को 25-25 हजार रुपये के ज़मानती दाखिल कर जमानत पर रिहा कर दिया गया था। इस मामले में आदेश के खिलाफ जनपद न्यायाधीश की अदालत में पिता पुत्र द्वारा अलग अलग अपील दाखिल की गई थी।
विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि बुधवार को अब्दुल्ला आजम के वकील द्वारा स्थगन प्रार्थना पत्र अदालत में प्रस्तुत किया गया। जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने सुनवाई के लिए 27 मार्च लगा दी है। इसी तारीख पर आजम खां की अपील पर भी सुनवाई की जाएगी।