मुरादाबाद। किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी पूर्व ब्लाॅक प्रमुख ललित कौशिक के वकील ने बुधवार को मुकदमे को स्थगित करने के लिए प्रार्थनापत्र अदालत में पेश किया। इस पर दोनों पक्षों ने बहस की। अदालत ने फैसला सुरक्षित रखते हुए मुकदमे की सुनवाई के लिए 23 अक्तूबर की तारीख तय की।
सिविल लाइंस थाने में 13 अप्रैल 2023 को एक महिला ने दीनदयाल नगर निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जिसमें महिला ने आरोप लगाया कि ललित कौशिक ने उसकी नाबालिग बेटी के साथ नौकरी लगवाने का झांसा देकर दुष्कर्म किया। शिकायत करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी थी। आरोपी ललित कौशिक फिलहाल बलरामपुर जेल में बंद है।
इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट प्रथम की अदालत में की जा रही है। विशेष लोक अभियोजक मनोज वर्मा ने बताया कि बुधवार को ललित कौशिक के अधिवक्ता ने अदालत में प्रार्थनापत्र पेश किया। जिसमें मांग रखी कि जब तक गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा विचाराधीन है, तब तक इस पत्रावली में सुनवाई न की जाए।
जवाब में अभियोजन पक्ष के वकील मनोज वर्मा और पीड़िता के वकील वीरेंद्र शर्मा ने बहस की। उन्होंने कहा कि गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा विशेष न्यायालय की कार्यवाही को प्रभावित नहीं कर सकता। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखते हुए मुकदमे की सुनवाई के लिए 23 अक्तूबर की तारीख तय की है।