जुनावई। बबराला के सेवा सदन में प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रेम रावत का गुरु पूजा पर्व को हर्षोल्लास के मनाया गया। वहीं इस मौके पर गुरु प्रेम रावत के द्वारा लंदन इंग्लैंड में सुनाए गए प्रवचनों को वीडियो प्रोजेक्टर के माध्यम से अनुयायियों को सुनाया गया। अंतरराष्ट्रीय शांति वक्ता प्रेम रावत 31 जुलाई 1966 को आध्यात्मिक गुरु गद्दी पर गुरु के रूप विराजमान हुए थे। उसी के उपलक्ष्य में बबराला के वार्ष्णेय सेवा सदन में गुरु पूजा पूर्व मनाया गया। गद्दी पर विराजमान होने से अब तक गुरु प्रेम रावत अपने अपने अनुयायियों सहित पूरे संसार को लगातार शांति का संदेश दे रहे हैं। इनके द्वारा रचित किताब स्वयं की आवाज तथा स्वांस को वर्ल्ड रिकॉर्ड गिनीज बुक में सम्मानित किया गया है। वह पूरी प्रतिबद्धता विवेक और सरलता के साथ अपने संदेश के माध्यम से 100 से अधिक देशों के करोड़ों लोगों तक पहुंच चुके हैं। इस अवसर पर चेयरमैन हर्षवर्धन, धर्मपाल गुप्ता, चिरंजीलाल यादव ,सुभाष चंद्र, राधेश्याम वार्ष्णेय, केशव प्रसाद गुप्ता, हरीश शर्मा, रुपेंद्र कुमार, विद्याराम, गोपाल आदि अनुयायियों ने भाग लेकर गुरु प्रेम रावत के प्रवचनों को वीडियो प्रोजेक्टर के माध्यम शांति पूर्वक सुना। संवाद