स्वार कोतवाली क्षेत्र के मधुपुरी गांव में पूर्व प्रधान के पोते की बरात जाने से कुछ घंटे पहले ही दादा की हृदयगति रुकने से मौत हो गई। इससे शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। दादा अपने पोते के सिर पर सेहरा नहीं देख पाए। अंतिम संस्कार के बाद देर शाम 20 बरातियों के साथ सादगी से बरात उत्तराखंड के रुद्रपुर के लिए रवाना हो गई।
स्वार कोतवाली क्षेत्र के मधुपुरी गांव निवासी कीर्ति प्रकाश के 25 वर्षीय बेटे शेखर का रिश्ता उत्तराखंड के रुद्रपुर निवासी एक युवती के साथ हुआ था। कीर्ति प्रकाश की मां गांव की प्रधान रह चुकी हैं। शुक्रवार सुबह 10 बजे बरात जाने की तैयारी थी, लेकिन सुबह छह बजे ही शेखर के दादा मुकंदराम की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने हृदयगति रुकने को मौत का कारण बताया।
मुकंदराम की मौत से शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद परिवार के 20 लोगों के साथ शुक्रवार शाम को बारात रुद्रपुर के लिए रवाना हो गई। ग्राम प्रधान डॉ. प्रेमपाल ने बताया कि बिना शहनाई के बारात देर शाम चली गई है। शेखर की दादी गांव की प्रधान रह चुकी हैं।